देव सूर्य महोत्सव / पुष्कर मिश्रा के सुफियाने गीत से महोत्सव का आगाज, अक्षरा के गीत पर डांस के दौरान तोड़फोड़

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 10:28 AM IST


Demonstrations during the dance on Akshara song during dev mahotsav aurangabad
Demonstrations during the dance on Akshara song during dev mahotsav aurangabad
X
Demonstrations during the dance on Akshara song during dev mahotsav aurangabad
Demonstrations during the dance on Akshara song during dev mahotsav aurangabad
  • comment

  • देव सूर्य महोत्सव सूर्य सर्किट बनाने के लिए डीएम से पर्यटन मंत्री ने मांगी रिपोर्ट, राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने उठी मांग 

औरंगाबाद/देव. पुष्कर मिश्रा के सूफियानी गीत से देव सूर्य महोत्सव के सुरमयी शाम का आगाज हुआ। जबकि अक्षरा के रस्के कमर गीत पर जमकर हंगामा व तोड़-फोड़ हुई। जिसके बाद अधिकारियों को जान बचाकर महोत्सव के पंडाल से भागना पड़ा। यही नहीं बवाल को देखते हुए प्रोग्राम को रोकना पड़ा। 

 

हुआ कुछ यूं। अक्षरा आधा दर्जन गीत पेश करने के बाद तालियां बटोरने के लिए रस्के कमर गीत पेश की। जिसके बाद भीड़ अति उत्साह में आ गई और दर्शक कुर्सी पर चढ़कर थिरकने लगे। जिसपर पुलिस ने लाठियां चटकाकर उन्हें शांत करने की कोशिश की। फिर क्या था। भीड़ आक्रोशित हो गई और पहले कुर्सियां चलाई। लेकिन थोड़े ही देर में जमकर पथराव होने लगा। भीड़ के कारण प्रोग्राम को बीच में ही बंद करना पड़ा। पथराव के दौरान कुछ पत्रकारों को भी चोटें आई है। भीड़ रूक-रूककर करीब आधे घंटे तक पथराव करते रही। जिसमें दर्जनों लोगों को चोटें आई है। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को लाठी चार्ज कर खदेड़ दिया। 

 

कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय एमएलसी राजन सिंह, डीएम राहुल रंजन महिवाल, एसपी डॉ. सत्य प्रकाश, जिप सदस्य शशिभूषण, प्रमुख शाति देवी व मुखिया उमा देवी ने किया। एमएलसी राजन सिंह ने कहा कि मैं देव का नेता नहीं बेटा हूं। देव की विकास की चिंता मुझे अक्सर सताती है। 

 

भजन कार्यक्रम से शाम की हुई आगाज 
देव सूर्य महोत्सव के उद्घाटन के बाद प्रसिद्ध सूफी गायक पुष्कर मिश्रा के भजन के साथ सुरमयी शाम का आगाज हुआ। इसके बाद पिया नहीं जब गांव में आग लगे सारे गांव में, होठों से छू लो तू मेरा गीत अमर कर दो, चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसा बाल गीत पेश कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद भी पुष्कर रूकने के नाम नहीं लिए और एक पर एक गीत पेश कर खूब तालियां बटोरी। इसके बाद मंच पर सुनील मिश्रा भगवान भास्कर की आरती के साथ अपना प्रस्तुति शुरू दी। इसके बाद छठ गीत और फिर एक के बाद एक भजन गाकर लोगों की खूब तालियां बटोरी। इसके बाद अक्षरा सिंह स्टेज पर आई। 

 

जन्मोत्सव के दिन नमक का उपयोग नहीं करते देववासी : भगवान भास्कर के जन्मोत्सव अचला सप्तमी के दिन देववासी खाने में नमक का उपयोग नहीं करते हैं। इस दिन को पूरे देववासी एक त्योहार के रूप में मनाते हैं। इस दिन देव के हर घरों के छत पर दीपावली के तरह घी के दीएं जलाए जाते हैं। इस खास दिन को देववासी भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। 

 

देश का इकलौता सूर्य मंदिर, जो है पश्चिमाभिमुख देव सूर्य मंदिर देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जो पश्चिमाभिमुख है। आठवीं सदी में नागर शैली में बने इस मंदिर की महता काफी खास है। साल में कार्तिक व चैत माह में यहां छठ मेला का आयोजन होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से लोग यहां आकर व्रत करते हैं। माना जाता है कि भगवान सूर्य के दरबार में मन से मांगने वाली मुराद पूरी हो जाती है।

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें