महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मिला उद्यमिता का प्रशिक्षण
महिलाओं को सशक्त व आर्थिक आधार देने को काग्यूपा इंटरनेशनल वूमेन ट्रस्ट ने प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को सिलाई मशीन के साथ सर्टिफिकेट दिया। 33 प्रशिक्षित महिलाओं में 23 को फर्स्ट लेवल का सर्टिफिकेट दिया गया, शेष को सेकेंड लेवल का प्रमाणपत्र दिया गया। इस मौके पर काग्यू मोनलम के चीफ फंक्शनिंग लामा छोटा छनछुक ने सभी सर्टिफिकेट के साथ किट भी प्रदान किया। यह सिविंग हैप्पीनेस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। उन्होंने बताया, ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों व महिलाओं में बेरोजगारी है। उन्हें सशक्त तभी बनाया जा सकता है, जब वे आर्थिक रूप से मजबूत हों। उनके पास अतिरिक्त आय का जरिया हो। इसी आर्थिक आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से काग्यूपा इंटरनेशनल मोनलम ट्रस्ट कम्पैशन इन एक्शन प्रोग्राम के तहत बोधगया के तेरगर मोनास्ट्री परिसर में सीविंग हैप्पीनेस प्रोजेक्ट के तहत लड़कियों व महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया है। यह ट्रस्ट तिब्ब्ती आध्यात्मिक गुरू 17वें करमापा उज्ञेन थिनले दोरजे द्वारा स्थापित है। इसका मकसद महिलाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
सिलाई मशीन के साथ मिला टेलरिंग किट
इसके तहत दो माह के प्रशिक्षण के बाद ट्रस्ट द्वारा सिलाई मशीन, सिलाई किट व सर्टिफिकेट दिया गया। जरूरत पड़ने पर इस सर्टिफिकेट के आधार पर खुद का व्यवसाय करने को बैंक से ऋण भी मिलता है। काग्यू मोनलम के मुख्य पदाधिकारी लामा छोद्रक ने कहा कि लाइफ स्किल ट्रेनिंग भी दी जाती है। उन्हें शर्ट, पैंट, पेटीकोट, ब्लाउज, स्कूल यूनिफार्म सहित अन्य का कटाई व सिलाई सिखाया जाता है।
इन गांवों की हंै महिलाएं
पहले साल 19 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था। 2019 में ट्रस्ट द्वारा 35 महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं प्रखंड के महुड़र, पच्छट्टी, भागलपुर, पुरानी तारीडिह, बगहा, रामपुर, सहित अन्य जगहों की हैं। गुरियामा की काजल, मियां बिगहा की कालो देवी व रूपा कुमारी, पच्छट्टी की स्नेहा कुमारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें लाभ होगा।
सिलाई प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट देते तिब्बती लामा।