आक्रोश / महिला की मौत के चार दिन बाद गया में प्रदर्शन, परिजनों ने डॉक्टर पर किडनी बेचने का लगाया आरोप



गया पंचानपुर के संमीप जमुने में रोड जाम करते आक्रोशित लोग। गया पंचानपुर के संमीप जमुने में रोड जाम करते आक्रोशित लोग।
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गया पंचानपुर के संमीप जमुने में रोड जाम करते आक्रोशित लोग।गया पंचानपुर के संमीप जमुने में रोड जाम करते आक्रोशित लोग।

  • परिजन व ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया लेकिन थाना में कोई शिकायत नहीं दी है, पुलिस अपने स्तर से जांच में जुटी 

Dainik Bhaskar

May 22, 2019, 01:17 PM IST

गया.  गया-गोह रोड पर मंगलवार को चंदौती के जमुने में चार घंटे जाम कर ग्रामीणों ने महिला की मौत पर प्रदर्शन किया। उग्र हुए ग्रामीण व परिजनों ने कथित डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने व महिला की किडनी निकालकर बेचे जाने का आरोप लगाया। यही नहीं महिला की हालत सीरियस होने पर चिकित्सक उसे लेकर इलाज करवाने के लिए पटना ले गया व मौत होने पर उसे परिजनों को बिना सूचना दिए वहीं जला दिया।

चिकित्सक के गांव आने के बाद पूछे जाने पर महिला की मौत की बात पता चली।

 

आशंका जाहिर की जा रही है कि चिकित्सक ने ऐसा साक्ष्य छिपाने के लिए किया होगा

परिजनों ने बताया कि जमुने के पास क्लिनिक चलाने वाले ग्रामीण चिकित्सक जितेन्द्र कुमार मिश्र उर्फ पंडितजी द्वारा महिला का इलाज किया जा रहा था। चंदौती थाना क्षेत्र के चूरी गांव की रहने वाली महिला कुंती देवी (56 साल) पेट दर्द की शिकायत लेकर 19 मई को गई थी। जहां स्थित खराब होने पर डॉक्टर द्वारा महिला को पटना इलाज करवाने ले जाया गया था। जहां महिला की किसी वजह से मौत होने के बाद चिकित्सक द्वारा परिजनों को बिना सूचना दिए ही शव को जलाने की बात बताई गई।

 

घटना के चार दिनों के बाद मंगलवार को ग्रामीणों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही से हालत खराब होने पर पटना ले जाकर किडनी बेचने का आरोप लगाया। महिला के रिश्तेदार फूलवंती देवी ने बताया कि चिकित्सक ने इलाज से संबंधित कोई भी कागजात नहीं दिया है। पटना ले जाकर उसने क्या किया कुछ पता नहीं। करीब चार घंटे के बाद प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने समझा बुझाकर जाम को हटाया। घटना के बाद से चिकित्सक फरार है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच में जुटी है। वहीं चिकित्सक की भी तलाशी की जा रही है। 

 

घटना के बाद चिकित्सक से मुआवजे को लेकर परिजनों के बीच चल रही थी बातचीत
घटना में यह भी सामने आ रहा है कि महिला की इलाज के लिए पटना ले जाने के दौरान ग्रामीण चिकित्सक जितेन्द्र कुमार व मृतका के बेटे और पतोहू साथ थीं। पटना में मौत के बाद बेटे ने ही शव को बांसघाट पर विद्युत शवदाह गृह में दाह संस्कार किया था। विद्युत शवदाह गृह में दाह संस्कार के लिए 18वां नंबर मिला था। घटना के बाद चार दिन तक ग्रामीण चिकित्सक से मुआवजे को लेकर परिजनों की बातचीत चल रही थी। अधिक रकम देने का दबाव भी बनाया जा रहा था। इसी बीच एक जनप्रतिनिधि का चिकित्सक से पुराने अदावत को ले इसे तूल देने की चर्चा है।

 

मामले में किसी ने नहीं दिया आवेदन, जांच की जा रही है-पुलिस
चंदौती थानाध्यक्ष ने धर्मप्रकाश ने बताया कि महिला की मौत पर परिजन व कुछ ग्रामीणों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया। ग्रामीण चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही से मौत और पटना में परिजनों को बिना सूचना दिए शव को जलाने की बात कही है। लेकिन शव को बेटे द्वारा दाह संस्कार करने की जानकारी मिल रही है। पीड़ित की ओर से कोई भी लिखित शिकायत थाने में नहीं दी गई है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। 

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