हर दिन कोरोना वारियर्स का करें सम्मान : फ्रा वीरयुद्ध

Gaya News - कोरोना वायरस से बचाव को लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करना चाहिए। जहां तक हो सके, अलग रहने की कोशिश करें। कोरोना...

Mar 24, 2020, 07:01 AM IST

कोरोना वायरस से बचाव को लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करना चाहिए। जहां तक हो सके, अलग रहने की कोशिश करें। कोरोना वारियर्स का सम्मान केवल एक दिन नहीं, हर रोज करें, ताकि उनका मनोबल बढ़े। बोधगया के रॉयल थाई वट के मुख्य भिक्षु फ्रा वहरयुद्ध ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा, उन वारियर्स के लिए प्रार्थना करें। वे भी अन्य भिक्षुओं के साथ उनके लिए मंगल कामना कर रहें हैं व प्रार्थना कर रहे हैं। प्रार्थना में शक्ति है। आत्मबल व मनोबल को सुदृढ़ करता है। भारतीय संस्कृति में पहले से अलग रहने व सम्मान में हाथ जोड़ने व उठाने की व्यवस्था है। भगवान बुद्ध भी सम्मान प्रकट करने को हाथ नहीं मिलाते थे, हाथ ऊपर करते थे। कई सुत्तों में इसकी चर्चा है।

कर्म सकारात्मक करें: कोरोना के संक्रमण से बचने को सभी घरों में हैं। इस समय का उपयोग सकारात्मक कर्म में करें। भगवान बुद्ध ने भी कुशल कर्मों के संपादन की शिक्षा दी थी। इससे ही बोधिचित्त जाग्रत होती है और व्यक्ति दूसरों के प्रति करूणामय होता है। कोरोना वारियर्स भी अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों के लिए, दूसरों के कल्याण के लिए कर्म कर रहे हैं। यह कर्म की सकारात्मकता है, जिससे बोधिचित्त जाग्रत होगा।


कोरोना वारियर्स के लिए प्रार्थना करते थाई भिक्षु।

करुणा के बिना मदद संभव नहीं: करूणा के बिना व्यक्ति किसी का सहयोग नहीं करता। करूणा तभी उत्पन्न होता है, जब हम दूसरों का कल्याण या सेवा करते हैं। उन्होंने बताया, कई चिकित्सकों को कोरोना के मरीजों का इलाज करने के दौरान संक्रमण हो गया, बावजूद खुद को परिवार से अलग-थलग कर सेवा धर्म निभा रहे हैं। अगर पारामेडिकल खुद की जान की परवाह करें व मरीजों की सेवा नहीं करें, तब स्थिति भयावह हो जाएगी। करूणा ही है, जो सेवा भाव से जोड़ती है। भगवान बुद्ध भी इसी सेवाभाव के पक्षधर थे।

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