जैन तीर्थयात्री ने कहा-बिहार के पौराणिक स्थल देख अच्छा लगा

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Dec 28, 2019, 06:10 AM IST
राजस्थान के पाली से जैन तीर्थयात्रियों को लेकर पहुंची जिनशिखर यात्रा स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को गया जंक्शन से रवाना हुई। जैन तीर्थ यात्रियों ने बिहार के पावापुरी व राजगीर का भ्रमण किया। झारखंड के पारसनाथ पर्वत के सबसे ऊपरी चोटी पर स्थित जैन मंदिर (सम्मेदशिखरजी) के दर्शन व पूजन के बाद बिहार के गया जंक्शन पहुंचे थे। जहां से बसों के द्वारा तीर्थयात्रियों ने जैन धर्म के आस्था का केंद्र नालंदा के पावापुरी में जलमंदिर का दर्शन व पूजन किया। वहीं राजगीर व नालंदा का भी भ्रमण किया। शाम को सभी गया जंक्शन से खुली स्पेशल ट्रेन से हरिद्वार के लिए निकले। जहां से वैष्णवदेवी व अमृतसर यात्रा के बाद वापस पाली को लौटेंगे। जंक्शन पहुंचे तीर्थयात्रियों ने बताया कि झारखंड के पारसनाथ(मधुबन) के बाद बिहार के पावापुरी, राजगीर व नालंदा का भ्रमण किया। जहां पौराणिक स्थल देख काफी अच्छा लगा। राजेश बोहरा, निनय बम, दिनेश खुराना, प्रदीप जैन ने बिहार भ्रमण के दौरान सुरक्षा व सुविधा को लेकर पूछे जाने पर बताया कि यहां लोकल भाड़ा काफी सस्ता है। सुरक्षा को लेकर भी हमें कोई परेशानी नहीं हुई। स्थलों पर अच्छी सुविधा मिली। ट्रेन में 960 तीर्थयात्री व अन्य कर्मी सहित करीब 1100 लोग थे। तीर्थयात्रियों ने भगवान महावीर के निर्वाणस्थल पहुंचकर अपने को धन्य बताया।

ट्रेन के गया जंक्शन से खुलते ही कोच में रखी गई भगवान पार्श्वनाथ जी की मूर्ति की पूजा-अर्चना की गई। जहां पूरी यात्रा के दौरान सुबह व शाम को पूजा-अर्चना की जाती है।

शाम को ट्रेन में ही तीर्थयात्रियों ने शुरू की पूजा-अर्चना

गया जंक्शन से रवाना होते राजस्थान से आए 960 जैन तीर्थयात्री।

सिटी रिपोर्टर| गया सदर

राजस्थान के पाली से जैन तीर्थयात्रियों को लेकर पहुंची जिनशिखर यात्रा स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को गया जंक्शन से रवाना हुई। जैन तीर्थ यात्रियों ने बिहार के पावापुरी व राजगीर का भ्रमण किया। झारखंड के पारसनाथ पर्वत के सबसे ऊपरी चोटी पर स्थित जैन मंदिर (सम्मेदशिखरजी) के दर्शन व पूजन के बाद बिहार के गया जंक्शन पहुंचे थे। जहां से बसों के द्वारा तीर्थयात्रियों ने जैन धर्म के आस्था का केंद्र नालंदा के पावापुरी में जलमंदिर का दर्शन व पूजन किया। वहीं राजगीर व नालंदा का भी भ्रमण किया। शाम को सभी गया जंक्शन से खुली स्पेशल ट्रेन से हरिद्वार के लिए निकले। जहां से वैष्णवदेवी व अमृतसर यात्रा के बाद वापस पाली को लौटेंगे। जंक्शन पहुंचे तीर्थयात्रियों ने बताया कि झारखंड के पारसनाथ(मधुबन) के बाद बिहार के पावापुरी, राजगीर व नालंदा का भ्रमण किया। जहां पौराणिक स्थल देख काफी अच्छा लगा। राजेश बोहरा, निनय बम, दिनेश खुराना, प्रदीप जैन ने बिहार भ्रमण के दौरान सुरक्षा व सुविधा को लेकर पूछे जाने पर बताया कि यहां लोकल भाड़ा काफी सस्ता है। सुरक्षा को लेकर भी हमें कोई परेशानी नहीं हुई। स्थलों पर अच्छी सुविधा मिली। ट्रेन में 960 तीर्थयात्री व अन्य कर्मी सहित करीब 1100 लोग थे। तीर्थयात्रियों ने भगवान महावीर के निर्वाणस्थल पहुंचकर अपने को धन्य बताया।

ट्रेन के गया जंक्शन से खुलते ही कोच में रखी गई भगवान पार्श्वनाथ जी की मूर्ति की पूजा-अर्चना की गई। जहां पूरी यात्रा के दौरान सुबह व शाम को पूजा-अर्चना की जाती है।

ट्रेन में एक ही परिवार के 95 लोग कर रहे सफर, चार पीढ़ी भी

जिन शिखर स्पेशल ट्रेन में राजस्थान पाली के चौपड़ा परिवार जिनके 95 सदस्य तीर्थयात्रा को निकले हैं। जंक्शन पहुंचे परिवार के सदस्य को उनके हर्ष का ठीकाना नहीं था। वहीं पाली की बुजुर्ग विदामीदेवी अपने चार पीढ़ी के सदस्य के साथ यात्रा में शामिल है। इसमें विदामीदेवी की बेटी कंचन छाजेड़, कंचन की बेटी पूजा बोथरा, पूजा की बेटी आर्या(6 साल) यात्रा में शामिल थी।

पर्यावारण संरक्षण का दे रहे संदेश

पूरी यात्रा के दौरान सभी पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सर्तक हैं। खाने को लेकर बायोवेस्ट मेटेरियल से बना खाने का प्लेट व नास्ता पैकेट यूज किया। जिसे विशेष आर्डर द्वारा भूसा, गन्ना व बादाम के छिलके से बनाया गया था।

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