मानसिक दिव्यांग बच्चों के प्रति रखें सकारात्मक रवैया

Gaya News - मानसिक दिव्यांगता के लिए प्रयुक्त कई शब्दों से शायद नकारात्मक संकेतार्थ हालत समाज के रवैये को प्रतिबिंबित करते...

Nov 11, 2019, 07:25 AM IST
मानसिक दिव्यांगता के लिए प्रयुक्त कई शब्दों से शायद नकारात्मक संकेतार्थ हालत समाज के रवैये को प्रतिबिंबित करते हैं, जिसे बदले जाने की जरूरत है। समाज इनके प्रति सकारात्मक रवैया अपनाएं। स्थानीय बोधि ट्री स्पेशल स्कूल श्रीपुर में आयोजित पर्पल दिवस पर राज्य नि:शक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार ने उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि समाज में ऐसे बच्चों को प्रशिक्षण द्वारा मुख्यधारा में जोड़ा जा सकता है। ऐसे बच्चें अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें बेचारगी का अहसास न दें, वे किसी से कम नहीं होते। हाल के वर्षों में शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं विभिन्न प्रकार से अक्षम बच्चों के प्रति समाज में व्याप्त धारणाओं में कुछ परिवर्तन आया है। शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, तो उनमें से कई सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित कई योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने पुस्तकालय व कम्प्यूटर पर काम करते इन विशेष बच्चों को देखा व उनसे बात कह। बाद में उन बच्चों के साथ केक काट कर उनकी खुशी को बढ़ाया। बच्चों की देखरेख में विकसित हो रहे हर्बल पार्क को भी देखा।

कार्यक्रम में अतिथि को पौध देते राज्य नि:शक्तता आयुक्त।

मॉडल है यह स्कूल

अपने संबोधन में डॉ कुमार ने संस्था के स्पेशल स्कूल को राज्य का मॉडल स्कूल बताया। इसका संचालन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानक पर हो रहा है। बहुआयामी फलकों पर विकास के प्रयास की भी सराहना की। स्कूल में विदेश से पहुंचे स्वयंसेवकों से भी बात की। पूरे राज्य में ऐसे सार्थक प्रयास की जरूरत बताई। इस मौके पर जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित 96 वर्षीय द्वारिको सुंदरानी, मगध विवि फॉरेन लैंग्वेज एंड कल्चरल को-ऑपरेशन के डायरेक्टर प्रो विकास मोहन सहाय, केंद्रीय रिजर्व बल 159वीं बटालियन के उप समादेष्टा मांती लाल पटवा, अरविंद कुमार, धीरेंद्र शर्मा, डा श्वेता राय, डा निशांत, डा मोहम्मद उमेर, सुमन कुमारी आदि मौजूद थे।

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