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खरमास शुरू : मांगलिक शुभ मुहूर्त पर लगा विराम

एक वर्ष पहले
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14 मार्च से भगवान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास शुरू हो गया है। अब एक महीने तक सभी मांगलिक व शुभ मुहूर्त पर ब्रेक लग जाएगा। शहनाई की आवाज रुक जाएगी। बता दें कि शनिवार को कुंभ से मीन राशि का सूर्य होने से सौर चैत्र मास आरंभ हो गया हैं। भले ही इस मास में शुभ मुहूर्त पर विराम है, लेकिन इसका अपना ही महत्व है। वासंतीय नवरात्र के साथ-साथ चैती छठ व रामनवमी का पर्व इस माह में हर्ष, उत्साह व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। आचार्य नवीन चंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि सौर चैत्र मास का विशेष महत्व है। इस मास के मध्य में शुभ श्रीशीतलाष्टमी व्रत है, जो 17 मार्च को है। इस व्रत को करने से शरीर में व्याप्त दु:ख, तकलीफ व हर संकट दूर होता है। इस दिन पितामहेश्वर स्थित में मां शीतला मंदिर में माता का दर्शन करना शुभ है। मां के चरणामृत का सेवन करने से दु:ख दूर होता है।

नहाय-खाय के साथ 28 मार्च से चैती छठ | सूर्योपासना का महापर्व “चैती छठ’। नहाय-खाय के साथ 28 मार्च से शुरू होगा। 29 मार्च को खरना का पर्व है। 30 को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 31 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पारण कर पर्व का विधिवत समापन होगा। वहीं मत्स्यावतार का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा। इधर ईसाई धर्मावलंबियों का विशेष पर्व गुड फ्राइडे 10 अप्रैल को है। चर्च में प्रार्थना के लिए ईसाईयों की भीड़ लगेगी।

25 मार्च से वासंतीय (चैती) नवरात्र का शुरू होगा पर्व

आचार्य ने बताया कि मां दुर्गा की विशेष आराधना का पर्व वासंतीय (चैती) नवरात्र 25 मार्च से शुरू हो जाएगा। इसी दिन विधि-विधान के साथ कलश की स्थापना होगी। देवी मंदिरों में माता का दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी, साथ ही विक्रम संवत् 2077 का आगमन होगा। 24 को विक्रम संवत् 2076 का समापन हैं। इसके अलावे 22 मार्च को शनि प्रदोष व्रत भी हैं।

एक को महाष्टमी, दो को रामनवमी का पर्व |एक अप्रैल को श्रद्धालु महाष्टमी का पर्व करेंगे। दो को रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन श्री हरि विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम लंका पर विजयी प्राप्त कर अयोध्या पहुंचे थे। इसी दिन चैती नवरात्र के पर्व का समापन होगा। चार अप्रैल को कामदा एकादशी, छह अप्रैल को महावीर जयंती, आठ को श्री हनुमज्जजयंती, नौ को कच्छपावतार, 11 को अनूसूर्या जयंती मनाई जाएगी। 13 को मीन से मेष राशि में भगवान सूर्य प्रवेश करेंगे। सौर वैशाख मासारंभ के साथ मांगलिक मुहूर्त शुरू हो जाएगा।

मां मंगलागौरी मंदिर
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