किडनी की बीमारी गंभीर, बन सकता है मौत का कारण
प्रत्येक साल मार्च के दूसरे गुरुवार को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड किडनी डे का थीम ‘किडनी हेल्थ फॉर एवरीवन एवरीवेयर’ रखा गया है। गया शहर के प्रसिद्ध फिजिशियन एंड नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मृत्युंजय कुमार ने इस अवसर पर दैनिक भास्कर को बताया कि किडनी की बीमारी काफी गंभीर हो सकती है इसलिए यह आवश्यक है कि यदि आप को पेशाब कम होता है या आपके चेहरे, पेट और पैरों में सूजन की समस्या है तो तत्काल इसकी जांच करवाएं। डॉ. कुमार ने अनुसार हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज के मरीजों को भी नियमित रूप से किडनी की जांच करवानी चाहिए। किडनी की बीमारी का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि काफी समय तक दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग, मोटापा, तंबाकू का सेवन, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी का कारण बन सकता है। इसके अलावा किडनी की बीमारी वंशानुगत भी होती है। किडनी की बीमारी की जांच के लिए पेशाब की जांच, खून में क्रियेटिनिन व यूरिया की जांच और अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति यदि अपना किडनी को स्वस्थ रखना चाहता है तो उसे अच्छी मात्रा में पानी पीना चाहिए।
इन्हें नियमित जांच की है आवश्यकता
{जिस व्यक्ति में किडनी बीमारी के लक्षण हों
{डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित व्यक्ति
{परिवार में यदि वंशानुगत किडनी की हो बीमारी
{काफी समय तक यदि दर्द निवारक दवाओं को किया है सेवन
{मोटापा हो, तंबाकू का सेवन करते हों अथवा 60 साल से अधिक आयु के हों
{यदि मूत्र मार्ग संबंधी कोई बीमारी हो
किडनी की बीमारी के लक्षण:
{चेहरे, पेट व पैरों में सूजन
{भूख की कमी, मितली व उल्टी
{हाई ब्लड प्रेशर
{एनिमिया और थकान
{पेशाब की मात्रा कम होना
व्यायाम, संतुलित आहार है सुरक्षा का उपाय
डॉ. कुमार के अनुसार प्रतिदिन व्यायाम और आधा घंटा ब्रिक्स वॉकिंग कर आप अपने किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके अलावा संतुलित भोजन, फल व सब्जियों को अपने भोजन में शामिल करें। भोजन में नमक, चर्बी और मीठा का प्रयोग कम करें। डॉ. कुमार ने बताया कि ओवर द काउंटर दवाओं का सेवन ना करें। नियमित रूप से दर्द निरोधक दवाएं आपकी किडनी फेल कर सकती है। कई हर्बल मेडिसिन भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।