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म्यूजिकल थेरेपी की मदद से प्रसूता में लव हार्मोन्स किया जाएगा सक्रिय

Gaya News - जेपीएन सदर अस्पताल की प्रसूताओं को होम थियेटर के माध्यम से सोहर सुनाया जा रहा है। सोहर सुनाया जाने की व्यवस्था...

Feb 15, 2020, 07:41 AM IST
Gaya News - love hormones will be activated in maternity with the help of musical therapy

जेपीएन सदर अस्पताल की प्रसूताओं को होम थियेटर के माध्यम से सोहर सुनाया जा रहा है। सोहर सुनाया जाने की व्यवस्था स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से किया गया है जिसके वैज्ञानिक कारण बताए जा रहे हैं। प्रसव के बाद जैसे ही प्रसूता अपने वार्ड में आएगी, उन्हें होम थियेटर पर सोहर गीत सुनने को मिलेगा।

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि सोहर संगीत के माध्यम से प्रसूता में लव हार्मोन्स अर्थात ऑक्सीटोसीन को सक्रिय करने के लिए किया जा रहा है। ऑक्सीटोसीन वह हार्मोन्स होता है जिससे प्रसव के बाद मां के स्तन में दूध उतरना शुरू होता है। सामान्यत: प्रसव के बाद प्रसूता की मनोस्थिति ठीक नहीं होती जिससे समय से उसका दूध नहीं उतर पाता। ऐसे में नवजात के लिए पीला गाढ़ा दूध जो उसके लिए अमृत के समान होता है, नहीं मिल पाता। सोहर गीत से प्रसूता की मनोस्थिति सामान्य हो जाती है और उसके लव हार्मोन्स सक्रिय हो जाते हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि जेपीएन सदर अस्पताल के प्रसूता वार्ड में होम थियेटर व स्पीकर की व्यवस्था की गई है जिसमें हर समय सोहर गीत सुनाई देगा। इसे वैज्ञानिक भाषा में म्यूजिकल थेरेपी कहा जाता है।

स्तनपान मां और बच्चे दोनों के लिए है फायदेमंद


प्रसव के बाद मां का पीला गाढ़ा दूध बच्चे व प्रसूता दोनों के लिए फायदेमंद होता है। एक घंटे के अंदर स्तनपान से जहां बच्चे का इम्युनिटी पावर मां के शरीर से प्राप्त होता है वहीं स्तनपान से माताएं भी कई प्रकार की बीमारियां से बच जाती है। एक घंटे के अंदर यदि सभी नवजात को मां का दूध मिले तो इससे न सिर्फ शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि मातृ मृत्यु दर को भी कम किया जा सकता है।

सीएस ने कहा- प्रसव के बाद आधे से एक घंटे में उतरना चाहिए दूध


सिविल सर्जन ने बताया कि सामान्य तौर पर प्रसव के आधे से एक घंटे के भीतर मां का दूध उतर जाना चाहिए। परंतु ऐसा देखा गया है कि पहले प्रसव के बाद मां का दूध उतरने में ज्यादा समय लगता है जिससे नवजात को एक घंटे के भीतर पीला गाढ़ा दूध जिसे कलोस्ट्रोम कहते हैं, नहीं मिल पाता। सामान्यत: यह परेशानी मां की मानसिक स्थिति के कारण होता है। प्रसव के बाद मां को मानसिक शांति मिले और उसे अपने बच्चे से भावनात्मक जुड़ाव हो, इसके लिए संगीत एक अच्छा माध्यम हो सकता है।


पारंपरिक प्रथा है सोहर गीत गाया जाना


आमतौर पर प्रसव के बाद गांव में सोहरी गीत गाने की प्रथा काफी पारंपरिक है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह सोहर गीत प्रसूता की मानसिक स्थिति को प्रसव के बाद सामान्य करता है और आस-पास खुशी का माहौल बनाता है। मां को मानसिक शांति मिलने के बाद दूध नलिकाएं भर जाती है और नवजात को मां का दूध मिलने लगता है।

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