स्वावलंबन / पीएम मोदी को हलवा खिला उत्साहित है नीतू, करती है साेलर लैंप रिपेयरिंग



विज्ञान भवन में आयोजित वर्कशॉप के दौरान पीएम को सौर चूल्हे पर हलवा बनाकर दिखाती नीतू। विज्ञान भवन में आयोजित वर्कशॉप के दौरान पीएम को सौर चूल्हे पर हलवा बनाकर दिखाती नीतू।
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विज्ञान भवन में आयोजित वर्कशॉप के दौरान पीएम को सौर चूल्हे पर हलवा बनाकर दिखाती नीतू।विज्ञान भवन में आयोजित वर्कशॉप के दौरान पीएम को सौर चूल्हे पर हलवा बनाकर दिखाती नीतू।

  • आज परैया बाजार में अपनी दुकान चलाती है 
  • सोलर लैम्प की बिक्री और रिपेयरिंग से हर माह कर लेती है 8 से 10 हजार की आमदनी

Dainik Bhaskar

May 25, 2019, 11:14 AM IST

गया (विजय सिंह). गया जिले के परैया प्रखंड के छोटे से गांव की नीतू कुमारी ने जीविका से जुड़ते समय सपने में सोची नहीं थी कि वह इतनी दूरी तय कर लेगी। नीतू की ससुराल कोयरी बिंगह टोला शाहोपुर है और मायका गुरारू। नीतू की शादी हुए वर्षों बीत गए। उनके बच्चे पढ़ गए। एक बेटा है, जो ग्रेजुएट है। वहीं दो लड़कियों में बड़ी ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। 2016 में नीतू जीविका से जुड़ी और 2017 में 70 लाख सौर ऊर्जा लैंप योजना से जुड़ी। 

 

नीतू की तेजी से सीखने की प्रवृत्ति का परिणाम हुआ कि पूरे जिले में ही नहीं, बल्कि बिहार में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने सोलर लैंप की असेम्बलिंग, रिपेयरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की ट्रेनिंग बेलागंज में ली। आज परैया बाजार में अपनी दुकान चलाती है और माह में 8 से 10 हजार की आमदनी सोलर लैम्प की बिक्री और रिपेयरिंग से कर लेती है।


दो अक्टूबर, 2018 को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री को खिलाया था हलवा
भीम सिंह चंद्रवंशी की बेटी और शाहपुर निवासी धनंजय सिंह की पत्नी नीतू बताती है कि उसके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि अपने पांव पर खड़ा होकर अपने परिवार के भरण पोषण में दिया जा रहा योगदान है। 4 फरवरी, 2018 को प्रो. चेतन सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में आईआईटी बॉम्बे में हुई परिचर्चा में शामिल होना, 4 अप्रैल 2018 को आरा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह द्वारा परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में मंच साझा करना तो जीवन की अनुपम उपलब्धि ही। इनके साथ अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि वह दिल्ली में 2 अक्टूबर 2018 को विज्ञान भवन में आयोजित वर्कशॉप में शामिल होने को मानती है। इस वर्कशॉप में पूरे विश्व से दर्जनों देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बिहार से यह अकेली प्रतिनिधि थी, जो इस वर्कशॉप में भाग ले रही थी। उसने बताया कि वर्कशॉप में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौर चूल्हा पर सूजी का हलवा बनाकर खिलाया था, जिसे उन्हें काफी अच्छा बना हुआ बताया था।

 

भविष्य संवारना चाहती है
इंटरमीडिएट पास नीतू, जिनकी मां पार्वती देवी भी पिछले छह सात सालों से जीविका से जुड़ी हैं। अपना बेहतर भविष्य जीविका द्वारा संपर्क में आए सोल्स कार्यक्रम को ही मानती है। नीतू के अनुसार सोल्स की ओर से सोलर प्लेट निर्माण की एक इकाई डोभी में स्थापित होने जा रहा है। इस इकाई में 100 जीविका की दीदियों का चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाना है। वह अपनी तेजी से सीखने की प्रवृति से उत्साहित है और आत्मविश्वास से भरी है कि उसका चयन हो ही जाएगा।

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