शॉपिंग मॉल व दुकान में सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं, 60 फीसदी गिरा कारोबार
अंतर्राष्ट्रीय महामारी घोषित हो चुके कोरोना को लेकर औरंगाबाद जिला प्रशासन ने भी बचाव व एहतियात के लिए कई आवश्यक निर्देश जारी किया है। जिसके तहत सभी सरकारी/गैर सरकारी कॉलेज, स्कूल, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल को बंद कर दिया है। लिहाजा दैनिक भास्कर ने शनिवार को शहर के बड़े शॉपिंग मॉल व दुकानों का पड़ताल किया। सदर अस्पताल का भी हाल जाना। जिसमें कई निजी स्कूल व कोचिंग तो बंद मिले। लेकिन शॉपिंग मॉल चालू थे, लेकिन वहां ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कोई इंतेजाम नहीं थी। न तो सेनेटाइजर और कर्मियों ने मास्क लगाया था। ग्राहक भगवान भरोसे मॉल में प्रवेश कर खरीदारी कर रहे और फिर बाहर निकल रहे हैं। हालांकि औरंगाबाद में अभी तक काेई कोरोना का मरीज सामने नहीं आया है।
ग्राहक बनकर बड़े मॉल में पहुंचे, कारोबार के बारे में पूछा तो बताया आधा हो गया बिक्री
दैनिक भास्कर की टीम ग्राहक बनकर शहर के अलग-अलग शॉपिंग मॉल में पहुंची और सुरक्षा का जायजा लिया। क्योंकि रिपोर्टर बनकर प्रवेश करने पर गार्ड रोक सकते थे। लिहाजा हमने यह तरकीब इजाद की। सबसे पहले शहर के एमजी रोड स्थित वी-मार्ट पहुंचे। वहां ग्राहकों की संख्या बहुत कम थी। अधिकांश कर्मी बिना मास्क लगाए थे। लेकिन कुछ ग्राहक जरूर मास्क में थे। पहले सामान देखने के लिए इधर-उधर घुमा। फिर काउंटर पर पहुंचकर दुख जताया और कहा बड़ा खाली-खाली लग रहा है? लगता कारोबार पर असर पड़ रहा है। यह सुनकर एक कर्मी बिना नाम बताए कहा कि कोरोना ने कारोबार का कमर तोड़ दिया है। पहले एक दिन में तीन से चार लाख रुपए तक का बिक्री होता था। अब आधा पर पहुंच गया है। यहां गेट पर सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद कैश एंड कैरी में पहुंचे। जहां ग्राहकों की संख्या काफी कम थी। लेकिन जो ग्राहक थे। अधिकांश बिना मास्क के थे। यहां भी गेट पर सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं थी।
ओमान से आए संदिग्ध मरीज के गांव पहुंची जांच टीम, कहा-घर में रहे परिवार
कुटुम्बा प्रखंड के एरका गांव में कोरोना का एक संदिग्ध मरीज मिलने पर शनिवार को उक्त गांव में जांच टीम पहुंची। जहां संदिग्ध मरीज के परिजनों को कई निर्देश दिए। 10 मार्च को एरका का अपने गांव एक युवक ओमान से आया था। जिसके बाद युवक को अचानक बुखार आ गई। इसके बाद परिजन आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराए। जहां से कोरोना की आशंका जताते हुए डॉक्टर ने गया रेफर कर दिया। उक्त युवक का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। जिसका रिपोर्ट 17 मार्च को आएगा। लेकिन इससे पहले एहतियात बरतते हुए शनिवार को कुटुम्बा बीडीओ लोक प्रकाश के नेतृत्व में जांच टीम एरका गांव पहुंची। जहां संदिग्ध युवक के परिजनों को कई निर्देश दिया। कहा कि वे लाेग घर से निकलने में परहेज करें। किसी दूसरे के संपर्क में न जाएं। जांच टीम में थानाध्यक्ष कमलेश पासवान, डॉ. गंगा सोनी, नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा शामिल रहे।
बोले डीएम
सुरक्षा का ख्याल सभी लोग रखें, ये समाज हित में
डीएम सौरभ जोरवाल ने बताया कि कोरोना एक अंतर्राष्ट्रीय महामारी है। इससे बचाव करना हम सभी के लिए जरूरी है। चाहे कारोबारी हो या फिर आम आदमी। सभी लोग इसके बचाव को लेकर आगे आएं और ज्यादा से ज्यादा एहतियात बरतें। सरकारी स्तर पर भी बैठकों को लेकर एहतियात बरता जा रहा है। कारोबारियों को भी चाहिए कि अपने दुकान में सेनेटाइजर व हैंडवास की व्यवस्था करें। इसे प्रशासन का आदेश नहीं, समाजहित में अपना कर्तव्य मानें।
कपड़ा व राशन कारोबार पर भी कोरोना का कहर, 60 फीसदी तक गिरा बाजार
कोरोना ने अपने चपेट में कपड़ा व राशन कारोबार को भी पूरी तरह से ले लिया है। राशन दुकानों की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत तक की गिरावट आंकी जा रही है। शहर के बड़े डालडा तेल व्यवसायी मंटू सिंह ने बताया कि पहले की तुलना में 60 प्रतिशत तक माल का खपत कम हो गया है। कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया। कारोबारियों के सामने यह पहली दफा आर्थिक महामारी आया है। अगर बाजार का यही हाल कुछ दिनों तक रह गया तो लोग सड़कों पर आ जाएंगे। हालांकि इसमें अफवाह बाजार को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। कोरोना से परहेज करना व डरना जरूरी है। लेकिन इससे बचाव के एहतियात भी हैं। लोगों को एहतियात के साथ कारोबार करना चाहिए। इसी तरह से शहर के कपड़ा व्यवसायी मुकेश कुमार गुप्ता उर्फ लाल ने बताया कि पहले की तुलना में कारोबार 70 फीसदी तक गिर चुका है। मुनाफा तो दूर कारोबारियों के सामने स्टाफ पेमेंट करना भी संकट जैसा है। हालांकि जिला प्रशासन के साथ हम सभी कारोबारी खड़े हैं। पहले हम इस संकट से निपटेंगे, उसके बाद आर्थिक संकट से निपट लेंगे। खासकर मांस, चिकेन, अंडा के कारोबार पूरी तरह से ठप हो चुका है। दुकानों में ताले लटक रहे हैं।
सदर अस्पताल में एंटी बैक्ट्रीयल का छिड़काव करता कर्मी
महामारी घोषित
कोरोना
ऐसे फैलता है वायरस
{वायरस से ग्रसित मरीज के खांसी या छींक के संपर्क में आने से।
{मरीज के शरीर के संपर्क में आने से।
{सामान्य लक्षण
{बुखार आना
{2 से 7 दिन बाद सूखी खांसी होना
{सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
{पेंट दर्द या गैस जैसी समस्या होना
{दस्त लगना/शरीर में दर्द महसूस होना
{गंभीर लक्षण
{तेज बुखार या न्यूमोनिया
{किडनी फेल होना।
ऐसे करें बचाव
{साबुन से नियमित हाथ धोएं। सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
{मुंह, नाक और आंख को छूने से बचें।
{खांसी या छींक के समय टिशु पेपर से नाक व मुंह ढकें। बाद में इसे तुरंत कवर्ड डस्टबिन में फेंक दें।
{जुकाम या फ्लू के मरीज के संपर्क में आने से बचें।
{बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिले और जांच करवाएं।
{मिलते समय हाथ मिलाने या शरीर के संपर्क में आने से बचें।
सरकारी आदेश के बाद दैनिक भास्कर ने शनिवार को किया बाजार का पड़ताल, सरकारी मीटिंग पर भी लगा ग्रहण
कुटुम्बा के एरका गांव में पहुंची जांच टीम