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गया श्राद्ध में ई-पिंडदान का महत्व नहीं न ही किसी धर्म ग्रंथों में इसकी चर्चा : सचिव

Gaya News - बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पितृपक्ष मेला को लेकर शुरू की गई ई-पिंडदान के खिलाफ पंडा...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:46 AM IST
Gaya News - the importance of e pinddaan in gaya shraddha nor its discussion in any religious texts secretary
बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पितृपक्ष मेला को लेकर शुरू की गई ई-पिंडदान के खिलाफ पंडा समाज एकजुट हो गया है। पंडा समाज की माने तो गया श्राद्ध में ई-पिंडदान का कोई महत्व नहीं है। न ही किसी धर्म ग्रंथों में इसकी चर्चा है। टूरिज्म विभाग ई-पिंडदान के जरिए सनातन धर्म पर कुठाराघात कर रही है।

विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गजाधरलाल पाठक ने बताया कि गयापाल समाज ई-पिंडदान का विरोध करती है। इस तरह का कोई चीज हीं नहीं। संतान जब तक गयाधाम में नहीं आएगें, तब तक उनके पितरों की मुक्ति संभव नहीं। उन्होंने बताया कि ब्राह्मणों द्वारा कर्मकांड कराने के बाद अपने संबंधित पंडा से सुफल लेने के बाद ही उनके पितरों की मुक्ति होती है। ई-पिंडदान के जरिए सिर्फ तीर्थयात्रियों को मुर्ख बनाया जा रहा है। अगर यह व्यवस्था लागू होगी तो गयापाल पंडा आंदोलन का रूख अख्तियार करेगा।

गयाधाम में हर राज्य के हैं पंडा, इन्हीं के सुफल से होता है कर्मकांड पूरा

सचिव श्री पाठक ने बताया कि गयाधाम में हर राज्य के पंडा है। गुजरात के एकमात्र पंडा विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य शंभु लाल विट्‌ठल है। नेपाल का एकमात्र पंडा टुन्नी लाल टाटक है। हरियाणा प्रांत के महेश गुपुत व गजाधरलाल पाठक है। जयपुर के साेना के कड़े वाले, मध्यप्रदेश के राजन सिजुआर, छत्तीसगढ़ के अमरनाथ धोकड़ी, जम्मू कश्मीर के मणिलाल बारिक व ढाढ़ी वाला, पंजाब के गौतम गायब व ढाढ़ी वाला, बंगाल के कन्हैया लाल है। इसके अलावे भी अन्य राज्यों के पंडा यहां है।

ई-पिंडदान सनातन धर्म पर कुठाराघात : शंभु विट्‌ठल

ई-पिंडदान सनातन धर्म पर कुठाराघात है। पर्यटन विभाग धर्म के साथ खिलवाड़ कर रहा है। शास्त्रों में ई-पिंडदान का कोई महत्व नहीं है। शास्त्रों में वर्णन है कि मृत्यु के बाद उनके संबंधी ही पिंडदान कर पितरों को मोक्ष दिला सकते है। इस ई-पिंडदान का विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति पुरजोर विरोध करती है और आगे भी करती रहेगी। टूरिज्म विभाग सिर्फ यजमान को मूर्ख बना रही है।

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