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घायलों को लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंचे लोग तो बंद मिला ताला

Gaya News - मोहड़ा प्रखण्ड के गेहलौर पंचायत अंतर्गत बंसीबिगहा गांंव के पास दुर्घटनाग्रस्त बस के घायलों को लेकर ग्रामीण जब...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:20 AM IST
Gaya News - the people who reached the health and wellness center on the injured were found locked
मोहड़ा प्रखण्ड के गेहलौर पंचायत अंतर्गत बंसीबिगहा गांंव के पास दुर्घटनाग्रस्त बस के घायलों को लेकर ग्रामीण जब गेहलौर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंचे तो अस्पताल बंद मिला। अस्पताल बंद देखकर जहां स्थानीय ग्रामीण हंगामा करने लगे, वहीं रोहतास के घायल आश्चर्यचकित हो गए। गेहलौर ओपी प्रभारी मनोज कुमार ने आनन-फानन में निजी वाहन से घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया भेजा।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि अस्पताल खुला रहता तो घायलों को तत्काल राहत पहुंचाया जा सकता था। यह तो गनीमत रही कि भयानक दुर्घटना के बाद भी किसी घायल की मौत नहीं हुई। घायलों को दुर्घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर गया भेजना पड़ा। उन्हें दुर्घटना के कम से कम चार घंटे बाद ही स्वास्थ्य सेवा दी जा सकी।

गेहलौर जैसे विशेष स्थान पर स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल यहां आस-पास के लोगों को काफी आक्राेशित कर रहा है। दुर्घटना के बाद स्कूली बच्चों को अस्पताल पहुंचने की सूचना के बाद एएनएमएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. पी के अग्रवाल तुरंत अस्पताल पहुंचे। जीएनएम स्कूल के नर्सों और अस्पताल परिसर में रहने वाले कर्मियों को बुलाकर घायलों का तत्काल इलाज शुरू करवाया। इसके बाद में एएनएमएमसीएच में अन्य कर्मचारी भी तत्काल पहुंच गए।

मनीषा ने कहा-जब ठंड लगी तब पता चला

दुर्घटना के बाद कई बच्चे बेहोश हो गए। घायल 15 साल की मनीषा ने बताया कि जब उसे ठंड लगी तब पता चला कि बस उलट गई है। तब वह बस से बाहर थी और किसी ने उसे दुर्घटनाग्रस्त बस से बाहर निकाला।

बस हादसा: अस्पताल पहुंचने तक डर व ठंड से कांपते रहे बच्चे

अस्पताल लाए गए बस हादसे में जख्मी बच्चे।

बाल-बाल बचा एक साल का आयुष

बस में स्कूल की शिक्षिका का एक साल का बेटा आयुष भी था। एएनएमएमसीएच में हंस-हंसकर खेलते इस बच्चे को इस बात का आभास भी नहीं था कि वह मौत के मुंह से बाहर निकला है। वहां मौजूद श्रीभगवान कुमार ने बताया कि जब बस पलटी तो आयुष उसके पास ही था। वह आयुष को गोद में लेकर खिड़की के रास्ते बस से बाहर निकला। घायलों के परिजन शाम को बस लेकर एएनएमएमसीएच पहुंचे। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल बच्चों को वाराणसी रेफर करने का अनुरोध किया। ठीक बच्चों को छुट्टी देने की प्रक्रिया चल रही है।

घायलों की सूची

चंद्रकांत तिवारी 30 साल, अजय कुमार 33 साल, प्रीति कुमारी 25 साल, पुष्पा देवी 40 साल, सी के तिवारी 50 साल, बृजलाल कुमार 12 साल, शशी कुमारी 7 साल, नंदनी कुमारी 5 साल, सिन्टू कुमार 10 साल, रुद्र कुमार 10 साल, श्रीभगवान 12 साल, प्रीति कुमारी 12 साल, ऋषु कुमार 13 साल, अंशु कुमारी 13 साल, श्वेता कुमारी, 13 साल, नफीस 8 साल, विक्की कुमार 12 साल, अमरजीत कुमार 15 साल, विजय चौबे 15 साल, मनीषा कुमारी 15 साल, लक्ष्मी कुमारी 13 साल, चिंटू पांडेय 12 साल, अनुराग कुमार 10 साल, मन्या कुमार 4 साल और गोविंद कुमार 12 साल

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