संक्रमित से निकला वायरस 6 फीट की दूरी पर बैठे व्यक्ति को संक्रमित नहीं कर सकता
कोरोना वायरस एक ग्रुप ऑफ वायरस है जो कि बिल्कुल अलग तरीके का है। हर इन्फेक्शन का एक पिक प्वाईंट होता है परंतु अभी तक इस वायरस का पिक प्वाईंट कहां है इसकी जानकारी अभी तक अप्राप्त है। ये बातें कमिश्नरी में आयोजित कोरोना वायरस जागरुकता बैठक को संबोधित करते हुए एएनएमएमसीएच के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने कही। डॉ. सुनील ने कहा कि वायरस का एयर में ट्रैवलिंग डिस्टेंस खांसने या छींकने के बाद 6 फीट की दूरी पर बैठक व्यक्ति को संक्रमित नहीं कर सकता है। यह में वायरस का ड्रॉपलेट्स तैरते रहता है जिसका टाईमिंग काफी कम है। कुछ मिनट में यह धीरे-धीरे नीचे आने लगता है और मिट्टी, मेटल, डोर, आयरन, ग्लास आदि पर सेंट हो जाता है। अभी तक के रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इन वस्तुओं पर वायरस 9 से 12 घंटों तक जिंदा रहता है। इस दौरान यदि किसी ने इन वस्तुओं को छुआ अथवा इसके संपर्क में आए तो वह उनके हाथ में चला जाता है। यदि इसके बाद संपर्क में आया व्यक्ति अपने हाथों से मुंह, आंख, नाक व कान को छूता है तो वायरस उसके शरीर में चला जाता है। यदि सावधानी बरती जाए तो लोग संक्रमण होने से बच सकते हैं।
साबून से अच्छी तरह 20 सेकेंड तक धोएं हाथ: डॉ. सुनील ने कहा कि यदि हम अपने हाथों को 20 सेकेंड तक साबुन से अच्छी तरह धोते हैं तो संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा। यदि पब्लिक मीटिंग या सफर करते हैं तो उसके बाद अपने हाथों को निश्चित रूप से धोएं। साथ ही हर उस व्यक्ति के साथ कुछ दूरी बनाएं जो खांस रहा हो अथवा छींक रहा हो।
सीनियर सिटीजन व बीमार व्यक्ति को सावधानी जरूरी
बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर असंगबा चुबा आओ ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रति सीनियर सिटिजन व बीमार व्यक्ति को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डायबिटीज व हार्ट के मरीजों को संक्रमित होने की सबसे अधिक खतरा होता है। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में हैंडवॉश रखा जाना चाहिए और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को खांसी अथवा छींक आती है तो व अपने केहुनी को मोड़कर अपने चेहरे के सामने रखकर ऐसा करे। केहुनी शरीर का वह हिस्सा होता है जो चेहरे से संपर्क में कम आता है और ना ही किसी अन्य के संपर्क में आता है जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। कमिश्नर ने किसी से हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने की सलाह दी।
मास्क पहनना सबके लिए जरूरी नहीं
डॉ. सुनील ने कहा कि मास्क पहनना सबके लिए जरुरी नहीं है क्योंकि कोराेना वायरस हवा में नही फैलता। जिस व्यक्ति को सर्दी, खांसी या बुखार है उसे मास्क पहना चाहिए। रोगी के संपर्क में आने वाले कर्मी, डॉक्टर जो काेरोना के सस्पेक्टेड मरीज को देखते हैं उन्हें मास्क पहनने की आवश्यकता है।
कोरोना के संबंध में भ्रांतियां और सच्चाई
{सभी को मास्क पहनना आवश्यक है - नहीं, सिर्फ मरीज या संदिग्ध के संपर्क में आने वाले को है जरूरी
{शराब कोरोना वायरस को समाप्त करता है - नहीं
{मांसाहारी भोजन से वायरस संक्रमण को होता है खतरा-नहीं
{तापमान बढ़ने से वायरस हो जाएगा समाप्त - नहीं, सिर्फ संक्रमण की गति कम हो सकती है
{सोशल मीडिया के निर्देश का करें पालन - नहीं, सिर्फ बिहार सरकार, केन्द्र सरकार व डब्लूएचओ का निर्देश का करें पालन