वारदात / जमीन के विवाद में घर के बाहर सोए ग्रामीण की गोली मार हत्या

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 10:24 AM IST



जमीन विवाद में हुए मौत के बाद मृतक के शव के पास राेते-बिलखते परिजन। जमीन विवाद में हुए मौत के बाद मृतक के शव के पास राेते-बिलखते परिजन।
X
जमीन विवाद में हुए मौत के बाद मृतक के शव के पास राेते-बिलखते परिजन।जमीन विवाद में हुए मौत के बाद मृतक के शव के पास राेते-बिलखते परिजन।

  • खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत सरबहदा ओपी क्षेत्र में आपसी रंजिश को ले अपराधियों ने किया दु:साहस

गया. गया जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत सरबहदा ओपी के कोहवारा गांव में अपराधियों ने घर के बाहर सोए ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी। कनपटी और सीने में गोली मारी गई। अपराधियों का यह दु:साहस था, कि घर के बाहर ही घटना को अंजाम दे दिया और भाग निकलने में कामयाब रहे। बताया जा रहा कि कोहवारा गांव के विद्यानंद यादव उर्फ साधु जी 62 वर्ष अपने घर के बाहर नीम के पेड़ के नीचे सोए थे। इसी बीच देर रात्रि में पहुंचे अपराधियों ने वारदात को अंजाम दे दिया। सुप्तावस्था हालत में ही शरीर के दो स्थानों पर गोलियां दाग दी।

 

घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि जमीन विवाद में अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। विद्यानंद यादव ने सतामस गांव में 72 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसे लेकर कुछ लोगों के साथ पिछले पंद्रह दिनों से विवाद चल रहा था। इसे लेकर विद्यानंद के द्वारा अंचल कार्यालय और थाना में गुहार लगाई गई थी। किन्तु पुलिस-प्रशासन लापरवाह बना रहा। 

 

चार दिन पहले मिट्टी भरा और जबरन मेड़ देकर जबरदस्ती कब्जे का प्रयास किया गया था

पत्नी बेबी देवी व पुत्र सुनील कुमार ने बताया विवाद वाली जमीन पर चार दिन पहले मिट्टी भरा और जबरन मेड़ देकर जबरदस्ती कब्जे का प्रयास किया गया था। इसे लेकर रोके जाने पर विद्यानंद यादव को उक्त लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी। मृतक के पुत्र सुनील कुमार द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में पांच को नामजद आरोपित बनाया गया है। इसमें सतामस गांव के राजाराम यादव, पप्पू यादव, राजेन्द्र यादव, कोहवारा गांव के कविन्द्र यादव और रवीन्द्र यादव का नाम शामिल है।

 

पहले से चली आ रही है रंजिश हत्या का था आरोप
कहा गया है कि कोहवारा गांव का ही रवीन्द्र यादव और कविन्द्र यादव ने मिलकर पूरे घटना की साजिश रची थी। इधर, विद्यानंद यादव और उसके भाई सतन यादव पर अपने भतीजे गनौरी यादव की हत्या का आरोप था। इसमें वह सालों से फरार चल रहा था। बीते वर्ष इनकी गिरफ्तारी हुई थी और इसके बाद अक्टूबर माह में जेल से बाहर आए थे। गौर करने वाली बात यह है कि कोहवारा के जिन दो लोगों का नाम दिया गया है, वे दस साल पहले मारे गए गनौरी यादव के पुत्र हैं। गनौरी यादव की हत्या हाथ काटकर नृशंस तरीके से कर दी गई थी।

 

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
हत्या के इस मामले में आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी की गई, किन्तु वे घर से फरार मिले। पुलिस कार्रवाई मेें जुटी है और जल्द ही संलिप्त अपराधी गिरफ्त में होगें। रमेश कुमार दुबे, डीएसपी नीमचक बथानी।

COMMENT