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290 करोड़ से बन रहे 12 मी. चौड़े एनएच-531 पर नहीं बना डिवाइडर, एक साल में 20 की गई जान
गोपालगंज से सीवान तक को केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे- 531 घोषित करने के बाद 290 करोड़ रुपए खर्च कर 34 किमी लंबी रोड बनाने का काम एनएचएआई करा रही है, लेकिन निर्माण में बड़ी खामी यह है कि 34 किमी लंबे हाईवे पर डिवाइडर अधिकांश जगहों पर नहीं है। जिसके कारण एक साल में 20 से अधिक लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। अधिकांश हादसे डिवाइडर नहीं होने के कारण राॅन्ग साइड में आकर टक्कर मारने से हुई है।
सड़क निर्माण कार्य समाप्ति के समय के बाद भी नहीं हुआ निर्माण कार्य पूरा
गोपालगंज से सीवान हाेते हुए छपरा तक जाने वाली इस सड़क के निर्माण पर 644 करोड़ रूपए खर्च करने की याेजना है। 94.258 किलोमीटर की बनने वाली इस सड़क निर्माण कार्य समाप्ति के लिए वर्ष अप्रैल 2019 में थी, फिर भी निर्माण कार्य अभी पूरा नही हो सका है। इस सड़क के बन जाने से लोगों को छपरा, पटना, कोलकत्ता, गोरखपुर व लखनऊ जाने में आसानी होगी।
सड़क किनारे बसे है अधिकांश गांव
यहां बता दें कि गोपालगंज से सीवान हाईवे 531 के किनारे लगभग 25 गांव बसे है। उन गांव के पास भी कोई संकेतक नहीं बनाए गए है, न डिवाइडर। गांव के लोगों का कहना है कि 12 मीटर बने चौड़े सड़क के बीचों बीच डिवाइडर रहता तो वाहन चालक अपने साइट से चलते, लेकिन डिवाइडर नहीं होने के कारण वाहन चालक अपने साइट को छोड़कर राॅन्ग साइड में वाहन चलते हैं। जिससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही है।
गोपालगंज से सीवान हाेते हुए छपरा तक निर्माण पर 644 करोड़ रूपए खर्च करने की है याेजना
चौराव से लेकर मीरगंज रेलवे टाला के बीच नहीं डिवाइडर
चौराव से लेकर मीरगंज रेलवे टाला के 12 किलोमीटर के अंदर किसी भी जगह पर डिवाइडर नहीं बनाया गया है। 12 किलोमीटर के बीच वृदांवन,लक्षवार,इटवां,बेदूटोला,चनावे आदि जगह सड़क दुर्घटना के लिए डेंजर जान माना जाता है। जहां हमेशा सड़क दुर्घटनाएं की घटना होती रहती है।
सड़क निर्माण में प्राक्कलन में जहां डिवाइडर की होगी जरूरत, वहां बनाई जाएगी
गोपालगंज से सीवान हाेते हुए छपरा तक जाने वाली इस सड़क के निर्माण के दौरान प्राक्कलन में जहां डिवाइडर की जरूरत बताई गई है। वहां सड़क निर्माण में लगी कंपनी बनाएगी। जहां अभी जरूरत पड़ रही है, वहां बनाई जा रही है।
रीतुराज सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जीआर कंस्ट्रक्शन कंपनी
इन 3 उदाहरण से जानिए कैसे डिवाइडर न होने से हो रही सड़क दुर्घटनाएं
सीवान से डियूटी कर थावे लौटने के दरौन दरोगा घायल
उदाहरण एक| पांच फरवरी को सीवान से डियूटी कर लौट रहे दरोगा निशिकांत उपाध्याय डीएवी स्कूल के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। अगर स्कूल के सामने डिवाइडर बना होता तो दूसरे लेने में जा रहे वाहन से सामने से आ रहे ठेला की टक्कर हो गई। जिसमें बाइक सवार बुरी तरह से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया ।जहा इलाज के दौरान स्थिति नाजुक देख चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच भेज दिया गया।
सड़क दुर्घटना में बाइक सवार घायल
उदाहरण-2| दो फरवरी को गोपालगंज मीरगंज एनएच 531 पर धर्मशाला के पास दो बाइक आमने सामने की जोड़दार टक्कर में एक बाइक सवार गभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। सिवान जिला के आंदर थाने के हसनपुरवा गांव के बाबूदीन मियां गोपालगंज जा रहा था,जैसे ही वह एनएच 531 पर धर्मशाला के पास पहुंचा कि रॉग्न साइट से तेज गति से आ रहे एक बाइक सवारने टक्कर मार दिया जिससे बाइक सवार गभीर रूप से घायल हो गया।
ऑटो दुर्घटना में युवक की मौत
उदाहरण-3| दो जनवरी को चना बेचकर गोपालगंज से वापस मीरगंज लौटने के दौरान थावे के पास ऑटो दुर्घटना में 20 वर्षीय मोनू की मौत हो गई। थावे से वह ऑटो पर बैठक कर मीरगंज के आने के क्रम में रॉग्न साइट से आ रही सवारी गाड़ी ने टक्कर मार दिया। जिससे ऑटो पलट गई और उसमें बैठे यात्री घायल हो गए। घायल मोनू कली मौत इलाज के दौरान हो गई।
थावे चौक पर नहीं है डिवाइडर
थावे चौक पर त्रिमुहानी सड़क है। एनएच 531 पर थावे चौक के पास लाइन बाजार की ओर से आने वाली सड़क मिलती है। जहां सड़क कंपनी को डिवाइडर बनाने की जरूरत है,वहां कंपनी ने डिवाइडर नहीं बनाया है। जिससे के कारण यहां दुर्घटना होते रहता है। जबकि थावे चौक के पास हाईस्कूल,मीडिल स्कूल अौर शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज है। फिर भी यहां डिवाइडर नहीं है। स्थानीय मुकेश पंडित,विनोद कुमार गुप्ता,छोटेलाल यादव बताते है कि डिवाइडर बनने से दुर्घटना कम होगी और वाहन चालक अपने ही लेन में चलेंगे।
टू लेन की है सड़क, 34 किमी में 25 घनी आबादी वाले क्षेत्र, कई गांवों के समीप सड़क संकेतक भी नहीं लगा पाए