- Hindi News
- National
- Gopalganj News Asha Going House To House For Family Planning Giving Advice For 3 Years Gap In Birth Of Children
परिवार नियोजन को लेकर घर-घर जा रही आशा बच्चों के जन्म में 3 साल के अंतराल की दे रही सलाह
दो बच्चों के जन्म में 3 साल का अंतराल जरुरी है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य और तंदुरूस्त होंगे। इस फायदे की जानकारी देने व परिवार नियोजन की जागरूकता को लेकर आशा कार्यकर्ता घर-घर जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि होली पर प्रवासी घर आएं हैं। ऐसे में उनके बीच जागरूकता जरूरी है ताकि वे अपने परिवार को स्वस्थ एवं खुशहाल रखने में मदद कर सकते हैं। हरेक व्यक्ति अपने परिवार की खुशहाली चाहता है, इसके लिए तो कुछ लोगों को अपने घर से दूर भी जाना पड़ता है। परिवार के लिए जरुरी संसाधन जुटाने के लिए उन्हें अपने परिवार, प|ी एवं बच्चों से दूर जाना पड़ता है। लेकिन इस भाग-दौड़ में वे कुछ बुनियादी बातों पर चर्चा करना भूल जाते हैं। परिवार नियोजन उन्हीं बुनियादी बातों की कड़ी में शामिल है। परिवार नियोजन सिर्फ साधनों के इस्तेमाल की बात नहीं है, बल्कि परिवार के सम्पूर्ण खुशहाली का संकेत भी है। दम्पतियों के बीच परिवार नियोजन पर चर्चा से ही परिवार नियोजन के असली उद्देश्य को उजागर किया जा सकता है। सीएस डॉ. एनके सिंह ने बताया कि महिलाओं का शरीर 20 साल के पहले बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार नहीं हो पाता है। यदि 20 साल के पहले कोई महिला मां बनती है, तब मां के साथ उनके बच्चे का स्वास्थ्य भी असुरक्षित हो जाता है। बाद में यह मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के कारणों में शामिल हो जाता है। होली के मौके पर प्रवासी घर लौटे हैं। उनके लिए यह मौका परिवार नियोजन के फायदों को जानने का एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है।
दो बच्चों में 3 साल के अंतराल के ये हैं फायदे
महिला अपने पहले बच्चे की देखभाल अच्छे से कर पाएगी, दोनों बच्चे को पूरा दूध पिलाने का समय मिलेगा, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे, परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा।