किसान बोले-फायदे की नहीं रही खेती,खर्च के बराबर ही मिल रहा मुनाफा,कैसे चलेगा जीवन

Gopalganj News - उत्तम खेती -मध्यम बान, नीच चाकरी -भीख निदान। ..... यह कहावत अब बीते दिनों की बात हो गई है। खेती पर लागत और मुनाफा का...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:30 AM IST
Gopalganj News - farmers do not talk about benefits farming getting profits equal to expenditure how will life
उत्तम खेती -मध्यम बान, नीच चाकरी -भीख निदान। ..... यह कहावत अब बीते दिनों की बात हो गई है। खेती पर लागत और मुनाफा का अनुपात यही बताता है कि जिले के खेतीहर खुशहाल नहीं हैं। लागत खर्च के मुकाबले उन्हें बराबर का ही मुनाफा मिल रहा है। फसल अगर आपदा की मार से बचा तब। .. वह भी छह माह इंतजार के बाद। सूखे के कारण इस बार जिले में गेहूं की पैदावार अच्छी नहीं मिल पाएगी। कृषि विभाग ने इस बार गेहूं की बुआई का लक्ष्य 97,000 हेक्टेयर रखा था। सूखे के कारण 5 हजार हेक्टेयर खेत खाली रह गए। लक्ष्य के विरूद्व 92,000 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। विभाग ने अनाज उत्पादन का लक्ष्य 30,210 मे ट्रिक टन रखा था, लेकिन सिंचाई के समय नहरों में पानी नहीं होने व खेतों से नमी गायब रहने के चलते शुरू में हीं कल्ले कमजोर पड़ गए। नतीजतन पैदावार कम मिलने की आशंका गहरी हो गई है। हालांकि अभी गेहूं की कटनी व दौनी का समय चल रहा है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1,735 से बढ़ाकर 1,840 रूपया प्रति क्विंटल कर दिया है। इसका बावजूद जिले में मुनाफा लागत के ढाई गुणा स्कोर पर नहीं पहुंचा है।

गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपया प्रति क्विंटल, 14 क्रय केंद्रों पर 5000 मीट्रिक टन की होगी खरीदी

गेहूं की खेती एक नजर में

97,000

हेक्टेयर बुआई का लक्ष्य बुआई हुई है

92,000

हेक्टेयर उत्पादन का लक्ष्य

30,210 मेट्रिक टन

लागत के बराबर मिल रहा मुनाफा

दैनिक भास्कर ने खेती पर लागत खर्च और अनाज के मुनाफे को लेकर गणना की। इस बावत किसानों से गेहूं की खेती प्रति बीघा लगने वाले खर्च, मिलने वाली उपज और अनाज बें चने के बाद मिलने वाले मुनाफे का अंतर जाना तो हैरान करने वाले वाले ग्राफ सामने आए।


5,000 14 केंद्रों पर होगी खरीदी, केंद्र जल्द होंगे चालू

जिले में गेंहू का समर्थन मूल्य 1840 रुपया प्रति क्विंटल निर्धारित है। जिला सहकारिता पदाधिकारी बबन मिश्रा ने बताया कि पैक्स व व्यापार मंडल के 14 केन्द्रों पर गेहूं की खरीददारी होनी है। जल्द ही क्रय केन्द्र चालू हो जाएंगे।

प्रति बीघा गेहूं की खेती पर खर्च

व्यवस्था मात्रा खर्च

खेत की जुताई 3 बार 4,200

बीज 60 किग्रा 2,400

डाई 50 किग्र 1,450

यूरिया 30 किग्र 300

पोटास 20 किग्रा 475

पटवन 2 बार 1,200

सोहनी मजदूर से 1,000

कटनी-दौनी हार्वेस्टर से 1,400

कुल खर्च रुपए में -12,425

लागत और उत्पादन में अंतर

प्रति कट्ठा उत्पादन 70 किलो

प्रति बीघा उत्पादन 14 क्विंटल

प्रति क्विंटल मूल्य 1,840 रुपया

14 क्विंटल का मूल्य 25,760 रुपया

प्रति बीघा मुनाफा 25,560- 12,425 = 13,153 रु.

सुनें किसानों की



ढाई गुणा मिल सकता है मुनाफा

किसान दीनानाथ सिंह व जवला तिवारी का तर्क है कि इतने ही पैदावार और इसी समर्थन मूल्य पर दो गुणा से ज्यादा यानीकि, ढाई गुणा तक मुनाफा मिल सकता है। उनके अनुसार मुनाफे की आधी राशि पटवन में खर्च हो जाती है। अगर सभी नलकूप चालू हो जाएं। नदियां व नहरों में समय से पानी उपलब्ध हो जाए तो पटवन का खर्च बिल्कुल बच जाएगा। एक बीघा पटवन पर 1,500 रुपए तक खर्च होते हैं। नहरों व नलकूप से भरपुर पानी मिलने पर नमीं ज्यादा दिन तक बरकरार रहती है। इससे फसलों में ग्रोथ होता है। दाने पुष्ट और वजनदार होते हैं।


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