गोपालगंज ग्रिड से जोड़ा गया झंझवा पीएसएस,मिलेगी 20-22 घंटे बिजली, खत्म होगी रोटेशन की समस्या

Gopalganj News - चार जिलों की सीमा पर अवस्थित अति संवेदनशील व नक्सल प्रभावित बैकुंठपुर,बरौली व सिधविया के बिजली उपभोक्ताओं को अब...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:41 AM IST
Gopalganj News - gopalganj grid connected to pss will get 20 22 hours power the problem of rotation will end
चार जिलों की सीमा पर अवस्थित अति संवेदनशील व नक्सल प्रभावित बैकुंठपुर,बरौली व सिधविया के बिजली उपभोक्ताओं को अब पावर कट की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। अब झंझवा पीएसएस को गोपालगंज ग्रिड से जोड़ दिया गया है । पिछले पांच वर्षों से रोटेशन में बिजली की सप्लाई व्यवस्था भी अब सुदृढ़ होगी। जिले के पूर्वांचल में अवस्थित उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या साबित हो रही थी। पिछले पांच वर्षों से यहां रोटेशन प्रणाली से बिजली की आपूर्ति की जाती थी। ग्रिड से डायरेक्ट जोड़े जाने के बाद बैकुंठपुर प्रखंड के दो लाख चालीस हजार से अधिक की आबादी के अलावे सीमावर्ती सिधवलिया व बरौली प्रखंड के करीब एक लाख दस हजार बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा ।

33 केवीए के ट्रांसमिशन लाईन के सहारे होती थी आपूर्ति : वर्ष 2009 में बैकुंठपुर में पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हुआ। उस समय गोपालगंज ग्रिड से सीधे यहां लोगों को बिजली की आपूर्ति मिलती थी। लेकिन वर्ष 2012 में गोपालगंज-बरौली-बैकुंठपुर 33 केवीए ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से बिजली की सप्लाई मिलने लगी। गोपालगंज ग्रिड से बरौली और बैकुंठपुर दोनों को एक ही 33 केवीए के ट्रांसमिशन लाईन के सहारे सप्लाई दिया जाने लगा। कुछ दिनों बाद पावर सब स्टेशन झंझवा को भी इसी 33 केवीए ट्रांसमिशन लाइन से जोड़ दिया गया। जिससे 33 केवीए ट्रांसमिशन लाइन पर अचानक लोड बढ़ गया। और इन तीनों प्रखंडों में रोटेशन के माध्यम से बिजली दी जाने लगी । पर्व-त्योहार के मौके पर दिन में भी रोटेशन की समस्या बरकरार रहती थी । गर्मी के दिन में हांथ पंखा के सहारे लोगों को रात गुजारनी पड़ती थी ।

तीनों प्रखंड के बिजली उपभाेक्ताओं को मिलेगा लाभ


दियारा वासियों को मिलेगी कट आउट से राहत

प्रखंड के दियारा वासियों को अब रात अंधेरे में नहीं गुजारनी पड़ेगी । झंझवा पावर हाउस के ग्रिड से डायरेक्ट जोड़ दिये जाने के बाद भरपूर बिजली मिल सकेगी । विदित हो कि बैकुंठपुर में जब पावर सब स्टेशन का निर्माण हुआ तो उस समय में चार फीडर बनाए गए थे। बाद में दीपऊं-पकड़ी और आशा खैरा दो नए फीड़रों का निर्माण किया गया। लेकिन पावर क्षमता नहीं बढ़ने के कारण नक्सल प्रभावित इलाके में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक उपभोक्ताओं को महज चार से पांच घंटे बिजली मिलती है । ऐसे में लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ती थी ।

गोपालगंज ग्रिड से जुड़े पूर्वांचल के हिस्सों के कुछ आंकड़े







पीएसएस बैकुंठपुर से छह फीडरों में होती है बिजली सप्लाई

149 गांवों को बिजली सप्लाई देने वाले पावर सब स्टेशन बैकुंठपुर में छह फीडर चलाए जाते हैं। आजवीनगर ,शीतलपुर ,राजापट्टी ,जगदीशपुर दीपऊं- पकड़ी तथा आशा खैरा फीडर से बिजली आपूर्ति उपभोक्ताओं को मिलती है। इनमें आशा खैरा और दीपऊं पकड़ी दो नए फीडर बनाए गए हैं। जबकि चार फीडर पहले से ही चलाये जा रहे हैं।

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