गंडक में पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा अलर्ट जारी,आज पहुंचेगा डिस्चार्ज पानी

Gopalganj News - सिटी रिपोर्टर बरौली|गोपालगंज नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी में जलस्तर...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:30 AM IST
Gopalganj News - release of water in gandak flood threat alert continues discharge water will arrive today
सिटी रिपोर्टर बरौली|गोपालगंज

नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। शनिवार को 2 बजे अपराह्न बाल्मीकि नगर बैराज से 2 लाख 7 हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण एक बार फिर बांध पर दबाव बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए सारण बांध के नीचे रहने वाले लोगों को जिला प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अलर्ट कर दिया है। डीएम ने रविवार को ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने को लेकर बाढ़ से प्रभावित पांच प्रखंड़ों में बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को तैयार रहने का आदेश दिया है। वहीं बारिश से हुए रेनकट से क्षतिगस्त हुए बांधों की मरम्मत नहीं कराने को लेकर ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

गंडक नदी के किनारे बसे इलाके में फैल रहा पानी

जानकारी के अनुसार नेपाल में भारी बारिश के कारण बराज पर काफी दबाव बढ़ गया है। बराज के कुछ फाटक खोल दिये गये हैं। पानी तेजी से गंडक नदी और इसके किनारे बसे इलाके में देर शाम पानी अपना रूख करने लगेगी । फिलहाल जिला प्रशासन का दावा है कि संभावित बाढ़ को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली गयी है। विभाग भी हाइ अलर्ट पर है। बता दें कि नेपाल से निकली गंडकनदी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर होते हुए गोपालगंज से आगे बढ़ते हुए गंगा नदी में मिल जाती है। कुचायकोट, गोपालगंज, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकंुठपुर प्रखड़ों के आधी आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।

आठ दिनों से नेपाल में हो रही है भारी बारिश, सारण बांध और राजस्व छरकी पर बन सकता है दबाव

गौसिया पुरैना सारण तटबंध का रेन कट का निरीक्षण कर अधिकारियों के सुझाव देती एसडीएम

गंडक की क्षमता 2.70 लाख क्यूसेक

गंडक की क्षमता 2.70 लाख क्यूसेक है। गंडक में इतना पानी आने पर वह खतरे के निशान पर आ जाता है। वाल्मीकिनगर बराज के फाटक खोल दिये गए हैं। वहीं आज 2 लाख 7 हजार क्यूसेक पानी बराज से छोड़ा गया है। जबकि रविवार को 2 लाख 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ जाने की बात डीएम ने बताया। पानी मापने के लिए पतहरा गांव के पास नदी में मीटर गेज लगाया गया है। जिसे अधिकारी पल पल पर पानी के जलस्तर की मापी करने में लगे हुए है।

बांध टूटा तो कई गांव के लोग होंगे परेशान |हस्मुदिन अंसारी,सिपाया खास वार्ड नंबर 7 ने बताया कि नेपाल में लगातार बारिश होने के कारण गंडक नदी में जलस्तर के बढ़ने के कारण पानी का दबाव बांध पर बढ़ने लगा हैं। अगर बांध पर अधिक दबाव बढ़ेगा तो क्षतिग्रस्त हुए बांध कभी भी टूट सकता है। जिससे कालामटिहनीया सहित कई गांव प्रभावित होगा।

8 किलोमीटर बांध में 200 सौ अधिक जगहों पर हुआ है रेनकट

जादोपुर-मंगलपुर- अहिरौली- भसही महासेतु के बचाने के लिए 8 किलोमीटर में 68 करोड़ रूपये खर्च कर सारण बांध तीन वर्ष पहले बनाया गया था। लगातार बारिश होने के कारण 8 किलोमीटर बांध में लगभग 200 सौ जगहों पर रेनकट हुआ है। जिससे बांध के अगल बगल रहने वाले परिवार के लोग भयभीत है।

विभाग ने नहीं कराया क्षतिग्रस्त बांध

सिपाया खास वार्ड एक के सिपाही बैठा के घर के सामने तीन फिट नीचे बांध धस गया है। वह बताते है कि इसकी जानकारी दो दिन पहले विभाग को दी गई। लेकिन अभी तक रेनकट हुए जगह पर मरम्मत करने का काम शुरू नहीं किया गया है। बारिश होने के साथ ही गंडक नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा हैं। जिसको देखकर गांव के लोग परेशान है। गांव के लोग सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।

बरौली के सिकीटियाँ बांध का रेनकट

सदर प्रखंड के मेहदियां हिरापाकड़ छरकी पर बढ़ता पानी के दबाव का निरीक्षण करते सीओ

कटाव में घर नदी के गर्भ में समा गया,खुले आसमान में रहने पर विवश

कालामटिहनीया भगत के टोला के मुन्ना साह बातते है कि नेपाल में बारिश होने के कारण गंडक नदी में आई पानी ने सबकुछ छीन लिया हैं। गंडक के कटाव में खेत और घर नदी के गर्भ में समा गया। अपने परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश है। बांध बनाने के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च किए गए।

जलस्तर बढ़ा तो सिपाया बांध पर बनेगा दबाव

राधव सिंह कालामटिहनीया वार्ड नंबर 3 ने बताया कि अगर इसी तरह नेपाल में बारिश होते रहा और गंडक नदी में जलस्तर में बढ़त्तरी हुई तो सिपाया बांध पर पानी का दबाव बढेगा। जिसको लेकर गांव के आसपास लोग रात में साे नहीं पा रहे है।

सारण बांध और राजस्व बांध पर बनने लगा है दबाव

वीरेन्द्र राय कालामटिहनीया वार्ड नंबर 3 ने बताया कि आठ दिनों से नेपाल में भारी बारिश हो रही है। सारण बांध और राजस्व बांध पर दबाव बनने लगा है। रेनकट होने के कारण बांध कई जगह कमजोर हो गया है। इस हालात में अगर बांध की मरम्मत नहीं कराया गया तो कभी भी बांध क्षतिगस्त हो सकता है। जिले के 42 किलोमीटर बांध रेनकट हुई है। जबकि विभाग ने इस वर्ष बांध के मरम्मत कराने में एक अरब से अधिक रूपये खर्च किया है।

रात्रि में भी अधिकारी करेंगे गश्त


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