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पूर्णाहुति के साथ सहस्र चंडी महायज्ञ हुआ संपन्न

एक वर्ष पहले
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प्रखंड के अमेया गांव स्थित सती हीर मती महारानी के प्रांगण में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शनिवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गया। पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कुंवारी कन्याएं, महिलाएं, पंडितों के अलावें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भोजन किया। महायज्ञ के समापन के बाद यज्ञ के आचार्य डॉ पंकज शुक्ला ने बताया कि महायज्ञ का परिक्रमा करने से मनुष्य की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं । परिक्रमा करने से पुत्र चाहने वालों को पुत्र, धन चाहने वालों को धन एवं सुख चाहने वालों को सुख की प्राप्ति होती उन्होंने कहा कि प्रथम पूज्यनीय देवता भगवान गणेश ने भी अभीष्ट की प्राप्ति के लिए अपने माता-पिता का परिक्रमा किया था। वे पूरे संसार में प्रथम देवता के रूप में पूजे जाते हैं। पिछले 28 फरवरी से आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शनिवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ ही महायज्ञ का समापन हो गया। महायज्ञ में पूरे 8 दिन तक परम पूज्य राजन जी महाराज द्वारा प्रवचन किया गया । वही सनातन धर्म ज्ञान पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने भी 2 दिनों तक श्रद्धालुओं के बीच धर्म का प्रचार किया । वही मनोरंजन के लिए गिरिराज रामलीला का मंचन किया गया ।यज्ञ में 61 पंडित विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण किया गया। शनिवार को पूर्णाहुति के बाद आयोजित विशाल भंडारे में कुंवारी कन्याएं ,औरतें, पंडितों के अलावे हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन शामिल हुए । मौके पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि आनंद मिश्र, विकास तिवारी, घनश्याम तिवारी ,हरेंद्र तिवारी , प्रकाश तिवारी ,कमलेश तिवारी,मंदिर के पुजारी प्रमोद तिवारी , प्रमोद बैठा, हरेंद्र कुशवाहा सहित तमाम यज्ञ समिति के सदस्य मौजूद थे।

कटेया में हो रहे यज्ञ में भंडारा का हुआ आयोजन।
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