- Hindi News
- National
- Kateya News Strong Winds With Rain Damage Crops In Hundreds Of Acres Of Farmers
बारिश के साथ तेज हवाओं सेे किसानों के सैकड़ों एकड़ में फसलों को नुकसान
शनिवार को हुई तेज बारिश के साथ तेज हवाओं ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान ही इकलौता व्यक्ति है जो खेती को जुआ समझकर करता है जो पूर्णरूपेण प्रकृति के ऊपर निर्भर है। िसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं उनका यह दर्द पूछने के लिए अभी तक कोई सरकारी तंत्र नहीं पहुंचा है। यह चरितार्थ है कि भारतीय कृषि मानसून पर आधारित है। वही बारिश अगर समय पर हो तो किसानों के न्यारे वारे हो जाते हैं। लेकिन वही बारिश असमय हो तो किसानों के दाने के लाले पड़ जाता है।यही बात शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने घटित की है। कल तक जो किसान अपनी फसलों को देखकर फूले नहीं समाते थे। आज की बारिश नें उनकी हलख सूखा दी है।
किसान बोले- दाने की संभावना कम हुई
फसल में दाने लगने की संभावना कम हो गई है। खुरहुरीयां निवासी किसान बैजनाथ राय मदन राय , दिनेश राय ने बारिश के बाद अपने फसलों को देखकर लौटे तो उनके चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। उन्होंने बताया कि तेज हवा के साथ हुई बारिश ने फसल को बर्बाद कर दिया है। जिससे फसल में लगी जमा पूंजी भी लौटने के कम उम्मीद है। जैसवली निवासी किसान धनेश्वर चौबे ने बताया कि मैं अपनी फसलों को दूसरे या तीसरे दिन देखने जाया करता था। बारिश के बाद मैं अपनी फसल को देखकर लौटा तो सोच में पड़ गया हूं कि फसल में दाने लगेंगे या नहीं। किसानों ने बारिश से फसलों की बर्बादी पर सरकार से मुआवजे की मांग की है।