भगवान की पांच कंर्मेन्दियां, पांच ज्ञानेंद्रियां पंच प्राण व एक मन ही सोलह कला से पूर्ण

Hajipur News - इनायतपुर प्रबोधी मे चल रहे श्रीमहारुद्र यज्ञ के चौथे दिन यज्ञाचार्य, हरिहरक्षेत्र सोनपुर स्थित गजेंद्रमोक्ष...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 09:15 AM IST
Sonepur News - god39s five conditions five senses five souls and one mind full of sixteen arts
इनायतपुर प्रबोधी मे चल रहे श्रीमहारुद्र यज्ञ के चौथे दिन यज्ञाचार्य, हरिहरक्षेत्र सोनपुर स्थित गजेंद्रमोक्ष मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी लक्ष्मणाचार्य के नेतृत्व में पुष्पाधिवास, धृताधिवास, शर्कराधिवास का अनुष्ठान पूरा किया गया। इसके बाद मूर्तियों का नगर भ्रमण का कार्यक्रम हुआ । धर्ममंच पर हजारों की संख्या में मंत्रमुग्ध होकर सुन रहे समस्त श्रद्धालुओं को भगवान गजेन्द्रमोक्ष की कथा, श्रीराम जन्म एवं अंतिम कथा के रूप में श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सोलहों कला से परिपूर्ण थे। सोलह भगवान की कला पंच कर्मेन्द्रियां पंच ज्ञानेन्द्रियां, पंचप्राण और एक मन ही सोलह कला है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान बारह कलाओं से पूर्ण थे। कृष्णं वंदे जगद्गुरुम । इस अवसर पर जन्म की झाँकी भी दिखाई गयी। इस अवसर पर धर्मेन्द्र भारती, कमोद कुमार, भरत ठाकुर, पिंटू साह, अवधेश कुमार, केदार साह, रामबाबू साह, प्रमोद साह उपस्थित थे।

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