--Advertisement--

सभी जीवों के प्रति रखें समता का भाव रखने वाला श्रवण कहलाता है: डॉ. शाह

Hajipur News - वह व्यक्ति जो श्रम एवं इन्द्रियों का शमन कर सकें। साथ ही सभी जीवों के प्रति समता का भाव रखें वही श्रवण कहलाता है ।...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:30 AM IST
Vaishali News - hearing is the expression of equality of all creatures dr shah
वह व्यक्ति जो श्रम एवं इन्द्रियों का शमन कर सकें। साथ ही सभी जीवों के प्रति समता का भाव रखें वही श्रवण कहलाता है । ये बातें शनिवार को वैशाली स्थित प्राकृत जैनशास्त्र एवं अहिंसा शोध संस्थान के सभागार में आयोजित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्मृति व्याख्यानमाला एवं हीरालाल जैन स्मृति व्याख्यानमाला में श्रमण परंपरा की आज के युग को देन पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के जैन बौद्ध दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रद्युम्न शाह ने कही । सेमिनार को दिल्ली से आए डॉ. रजनीश शुक्ल ने भारतीय भाषाओं के विकास में डॉ. हीरालाल जैन एवं प्राकृत भाषा के अवदान विषय पर अपना विचार देते हुए कहा कि प्राकृत भाषा बहुत ही समृद्ध है । इसकी शब्दावली का आधुनिक भारतीय भाषाओं की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान है ।संस्थान के निदेशक ऋषभ चन्द्र जैन ने अपने अध्यक्षीय भाषण संबोधन में कहा कि जैन धर्म कर्मवादी संस्कृति का पोषक है । इसलिए प्रत्येक मनुष्य को सुकर्म करना चाहिए । वहीं आचार्य भद्रबाहु सागर जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान महावीर के जन्म क्षेत्र में जन्म लेने वाले आप सभी लोग बहुत भाग्यशाली है । ऋषभदेव के काल तक लोगों को कुछ करने की आवश्यकता नहीं होती थी। वह व्यवस्था जब समाप्त होने लगी एवं उस समय लोग भूखे मरने लगे तब वे लोग ऋषभदेव के पास आए एवं उनसे हमलोग भूखे है। आप भूख मिटाने का कोई रास्ता बताइए। उनके अनुरोध पर भगवान ने असि, मसी कृषि, शिल्प , विद्या एवं वाणिज्य सहित छह विधाओं की शिक्षा देकर लोगो को कर्म करने का उपदेश दिया था।सेमिनार का संचालन डॉ. मंजूबाला ने किया।

X
Vaishali News - hearing is the expression of equality of all creatures dr shah
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..