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गर्भवती की एचआईवी जांच जरूरी : डीएम

एक वर्ष पहले
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जिला अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ईएमटीसीटी कार्यक्रम के अंतर्गत एचआईवी एवं सिफलिस के उन्मूलन के लिए कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सभी ब्लॉक से आए हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को यह निर्देश दिया गया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का एचआईवी जांच उसके प्रथम तिमाही में अवश्य करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि उसके साथी का भी जांच हो। बिहार एड्स, कंट्रोल सोसायटी से आए हुए राज्य समन्वयक पीपीटीसीटी यूनिसेफ आशीष कुमार द्वारा यह बताया गया कि जिले में सभी गर्भवती महिलाओं का एचआईवी टेस्ट करना है। बैठक में वैशाली डीडीसी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि वह 2020 तक एचआईवी एवं सिफलिस से एलिमिनेशन के लिए सारे गर्भवती महिलाओं का एचआईवी एवं सिफलिस जांच को संकल्पित है। साथ ही निर्देश किया कि प्रत्येक माह की एचआईवी प्रोग्राम का समीक्षा किया जाएगा जिससे कार्यक्रम को और गति मिलेगा। वहीं मौके पर उपस्थित सीएस डॉक्टर इंद्र देव रंजन ने बताया कि सारे गर्भवती महिलाओं का एचआईवी जांच प्रथम तिमाही में ही करवा लिया जाए ताकि एचआईवी संक्रमण होने की स्थिति में समुचित देखभाल कर होने वाले बच्चे को संक्रमित होने से बचाया जा सके। बैठक में जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर एसके रावत ने कहा जल्द ही एचआईवी जांच को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही वह नए केंद्रों और वीएचएसएनडी साइट पर एचआईवी जांच शुरू करेंगे। जिससे एचआईवी जांच का आंकड़ा बढ़ जाएगा। बैठक में जिला जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी ब्लॉक के प्रभारी, ब्लाक स्वास्थ प्रबंधक, जिला के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, यूनिसेफ के मधुमिता कुमारी, आहना रंजीत कुमार, कुंदन कुमार आदि मौजूद रहे।

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