हत्या मामले के दो आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर
हत्या के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी सोनपुर के पहलेजा घाट में हुई एक आंगनबाड़ी सहायिका की हत्या के मामले में दो आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उनके नहीं पकड़े जाने से मृतका स्व. राजेश तिवारी की प|ी सरिता कुंवर के परिजन यहां दहशत में है। इस मामले में मृतका के भाई पहलेजा घाट के राजकिशोर मिश्रा के फ़र्द बयान पर इस कांड में सरिता के ससुराल सारण के अवतारनगर थाना अंतर्गत मदनपुर के पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। इन पांच में से तीन आरोपियों शक्तिकांत तिवारी उर्फ रीति, रविकांत तथा कृष्णकांत तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि इसमें से दो आरोपी अभी तक पुलिस के गिरफ्त में नहीं आए है। परिणामस्वरूप सूचक के परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
28 फरवरी की देर शाम आधे दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाशों ने पहलेजा घाट सरस्वती मंदिर के बगल में स्थित घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए यहां रह रही आंगनबाड़ी सेविका रामविनोद मिश्र की पुत्री सरिता कुंवर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे पति के निधन के बाद वर्षों से यहां पहलेजा घाट अपने मायके में ही रह कर आंगनबाड़ी सहायिका का कार्य कसमर में किया करती थी। अपने ससुराल में मिले लाखों के संपत्ति व भूमि के अपने कुछ जमीन हाल फिलहाल किसी से बिक्री की थी। आरोप है इसी मामले को लेकर ससुराल के लोग नाराज चल रहे थे। मृतका के पति के निधन और कोई संतान नहीं होने से वह सारी भूमि कौड़ी के भाव में अपने नाम करने का दबाव देते थे। अक्सर फोन पर उसे धमकी भी दी जाती थी। इसी दौरान सरस्वती मंदिर से शाम की आरती एवं पूजा में भाग लेकर सरिता जैसे ही अपने किचन में चाय बनाने को बैठी ही थी कि इसी बीच आधे दर्जन से अधिक अपराधी अचानक घर में घुस अचानक ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दी, जिसमें एक गोली सर में एवं दूसरे गोली सीने में लगी। महिला की हत्या कर सभी बदमाश पिस्टल लहराते भाग निकले थे।