एक-दूसरे को रंगीन करने में जुटे रहे युवा, डीजे ने भी दिखाया जलवा
लंबे अर्से के बाद होली पर खाकी वर्दी का खौफ नजर आया। छिटपुट एक्सीडेंट केस को छोड़ दें आमतौर पर होली के दिन पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल रहा। हालांकि खाकी वर्दी की हनक शहरी क्षेत्र तक ही सीमित रही। ग्रामीण इलाकों में भले अन्य सालों की तरह नहीं पर हम तो वैसे ही होली मनाएंगे की सोंच रखने वाले युवाओं ने कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। मंगल को आई होली अधिकांश परिवार के लोगों का जायका बिगाड़ दिया। नॉनवेज की जगह वेज मीनू से ही लोगों को संतोष करना पड़ा।
कुल मिलाकर होली पर रही शांति
एक तरफ डीएम उदिता सिंह के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक महकमा होली पर शांति-सदभाव का माहौल कायम करने की दिशा में प्रतिबद्ध रहे वहीं एसपी गौरव मंगला के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र हाजीपुर, लालगंज, महुआ एवं महनार के एएसडीओ, एसडीपीओ, सभी थानाध्यक्ष विधि-व्यवस्था के मोर्चे पर मुस्तैदी से डटे हुए थे। होली पूर्व से ही पुलिस द्वारा बरती जा रही सख्ती का ही परिणाम रहा कि खासकर शहर में होली के नाम पर हुड़दंग करने वाले युवक अपने मांद में ही रहे। हालांकि ऐसा नहीं है कि बंदिशों, सख्ती के बावजूद उन्होंने खाने-पीने में कोई कमी की। होली का जश्न मन भी रहा था तो चोरी-चुपके। जहां खाया-पीया वहीं पैक रहे। रोड पर निकलकर बाइक, कार से फर्राटा भरने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाए। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में पुलिस की निगरानी की ढीली- ढाली व्यवस्था थी। हालांकि पुलिस की गश्ती गाड़ी कई घंटों के अंतराल पर आ-जा रही थी। यदि यह कहें कि होली पूर्व बनाए गए माहौल का ही परिणाम रहा कि ग्रामीण इलाकों के युवा अपनी हद में ही वह सब कुछ कर रहे थे। पूर्व दिवस से लेकर होली की शाम तक बाईक लेकर फर्राटा भरने के दौरान जिले के ग्रामीण इलाकों में ही रोड एक्सीडेंट में कई मौत, दर्जनों लोगों के घायल होने की घटना घटी है।
मंदिरों में भी चलता रहा पूजा-पाठ का दौर
शहर अथवा गांव में अब भी परंपरा-धार्मिक आस्था से बंधे लोगों की कमी नहीं है। होली पर सबसे पहले शिवालय, देवस्थानों में पूजा-पाठ का विधान है। सुबह होने के साथ ही होली खेलने वालों की टोलियों से होने वाली परेशानियों को देखते हुए धार्मिक आस्था, परंपरा से बंधे लोग अल सुबह ही मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद ही पुआ-पकवान खाने, होली का आनंद उठाते हैं। मंगलवार की सुबह से नगर महादेव पतालेश्वरनाथ मंदिर, हाजीपुर गांधी चौक स्थित नागेश्वरनाथ शिवालय, राजपूत नगर विशालेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
होली खेलते लोग।
शाकाहारी खाने के बीच मना त्योहार
इस बार होली मंगलवार को पड़ा है। मंगल, गुरूवार को अधिकासं हिंदु परिवारों में मिट-मुर्गा यानि सामिष भोजन निषेध है। धर्म-अध्यात्म के प्रति आस्थावान लोगों ने नॉनवेज से परहेज किया। होली दिन हर चौक-चौराहे पर खसी मिट, मुर्गा मिट की कई दुकानें लग जाती थी। इस बार इक्का-दुक्का दुकान पर ही चमड़ी उतारा हुआ खस्सी लटक रहे थे। दुकान खुली भी थी तो भीड़ नहीं थी। मुर्गा पर कोरोना वायरस की काली छाया एक पखवारे से भी अधिक से मंडरा रहा है। वायरल खबर का ही परिणाम है कि होली पर भी मुर्गा बाजार में वह तेजी नहीं दिखी।
गांवों में होली के गीतों से सजी रही महफिल