डेंगू के 10 और इंसेफ्लाइटिस का एक मरीज मिला, चीफ सेक्रेटरी ने किया अलर्ट जारी

Jamui News - सितंबर माह में लगातार 6 दिनों तक हुई बारिश के बाद शहर व ग्रामीण इलाके में जलजमाव की समस्या से अभी लोग उबर नहीं पाए...

Oct 13, 2019, 07:45 AM IST
सितंबर माह में लगातार 6 दिनों तक हुई बारिश के बाद शहर व ग्रामीण इलाके में जलजमाव की समस्या से अभी लोग उबर नहीं पाए हैं। गंदे पानी के बीच मच्छर पनप रहे हैं जिससे लोग परेशान हैं। मच्छरों के आतंक से लोग रात तो दूर दिन को भी घर में नहीं बैठ पाते।

मलेरिया के प्रकोप के बीच डेंगू का डर लोगों को सताने लगा है। मच्छर जनित बीमारी की विभीषिका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है और इलाके में सघन फॉगिंग और जल निकासी कराने को कहा है। जमुई में अब तक 10 डेंगू के मरीज, 1 जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज की पहचान हुई है। ये ऐसे मरीज हैं जो जमुई में डेंगू से पीड़ित हैं, लेकिन इनका इलाज पटना के बड़े अस्पतालों में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ मरीजों का आंकड़ा है। विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभाग को अलर्ट जारी किया है। साथ ही उपचार एवं बचाव के लिए सभी उपाय करने का निर्देश भी दिया है।


गंदगी का अंबार: शहर के वार्ड नंबर-12 में जलजमाव जहां पनपता है मच्छर।

डेंगू वार्ड में नहीं है कोई व्यवस्था एक भी मरीज नहीं है भर्ती

सरकार के अलर्ट जारी करने के बाद सदर अस्पताल में डेंगू से ग्रसित मरीजों के इलाज व रखरखाव के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। लेकिन यह वार्ड कुव्यवस्था का शिकार है। सदर अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक अबतक एक भी डेंगू पीड़ित मरीज इस वार्ड में भर्ती नहीं किए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. श्याम मोहन दास ने बताया कि सदर अस्पताल में प्लेटलेट्स की जांच की व्यवस्था है। इसके लिए विभाग द्वारा कीट उपलब्ध कराया गया है। हालांकि खून जांच के लिए पीएमसीएच भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को जलजमाव वाले इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाने का निर्देश दिया गया है।

डेंगू पीड़ित को पटना किया गया रेफर, सात प्रखंडों में मिले मरीज

बारिश के बाद जमुई में डेंगू व जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज की पहचान हुई है। जमुई के 7 प्रखंडों में डेंगू से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई है, तो झाझा प्रखंड में एक मरीज की पहचान जापानी इंसेफ्लाइटिस से ग्रसित पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, खैरा के बोझायत में एक, चकाई के कोराने में एक, अलीगंज के डाढ़ा में एक, लक्ष्मीपुर के पिडरौन में एक, झाझा के धमना में एक, सिकंदरा के बाली गांव में एक तथा सदर प्रखंड के कुंदरी सनकुरहा व शहर में एक मरीज मिलाकर कुल चार डेंगू के मरीज मिले हैं। हालांकि उनमें कई ऐसे भी हैं जो पटना में रहते थे। सभी मरीजों का इलाज पटना में किया जा रहा है।


अव्यवस्था: सुविधा नहीं रहने के कारण डेंगू वार्ड पड़ा है खाली

शहर में नहीं हुआ ब्लीचिंग का छिड़काव, डीएम ने दिया निर्देश

शहर के कई वार्ड ऐसे हैं जो बारिश न होने के बाद भी जलजमाव की चपेट में हैं। इनमें नगर परिषद का वार्ड -6, वार्ड -12 और वार्ड-13 सबसे ज्यादा जलजमाव से ग्रसित है। सरकार के अलर्ट जारी करने के बाद डीएम धर्मेंद्र कुमार ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को शहर के जलजमाव वाले इलाके में ब्लीचिंग का छिड़काव करने और आवासीय इलाके में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया है।

एक्सपर्ट व्यू: आसपास पानी नहीं जमने दें

सदर अस्पताल में कार्यरत डाॅ. मनीषी अनंत बताया कि प्रायः डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं। घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें। कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें। पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें। यदि आपको डेंगू हो भी गया है तो ये परहेज करते रहें जिससे आपके शरीर का वायरस दूसरों तक न पहुंचे।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना