हमारी संस्कृति की विशेषता है बुजुर्गों का सम्मान

Jamui News - माता पिता की सेवा ही सच्ची सेवा है। इनकी सेवा से ईश्वर की असीम अनुकंपा प्राप्त की जा सकती है। माता-पिता से बढ़कर...

Feb 15, 2020, 10:01 AM IST
Sono News - our culture is characterized by respect for the elderly

माता पिता की सेवा ही सच्ची सेवा है। इनकी सेवा से ईश्वर की असीम अनुकंपा प्राप्त की जा सकती है। माता-पिता से बढ़कर इस संसार में कोई दूसरा नहीं हो सकता। उक्त बातें शुक्रवार को स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवानिवृत्त शिक्षक सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कामदेव दुबे ने कहीं।

उन्होंने कहा कि माता-पिता का स्नेह अगर नहीं है तो वह व्यक्ति संसार में अमीर होते हुए भी सबसे गरीब है। सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम हमारे बच्चों में संस्कार निर्माण में काफी सहायक होता है। हमारी संस्कृति की यही तो विशेषता है कि हम अपने बुजूर्गों को भगवान के रूप में मानते हैं। इस मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के भैया बहनों ने अपने अपने माता पिता के पैर थाली में रखकर धोए ,उन्हें तिलक लगाया, उनकी आरती उतारी तथा उन्हें मिठाई खिलायी। इससे पूर्व कार्यक्रम का डॉक्टर एमएस परवाज, विद्यालय के सचिव रंजीत सिंह, संरक्षक चुनचुन सिंह, अंजू भगत,जया देवी, उपाध्यक्ष रामजपो प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। वही मौके पर उपस्थित भजन गायक मुकेश पांडे ने मंत्रोच्चारण कर नन्हे बच्चों को नित्य माता पिता के चरण छूने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में पुलवामा के शहीदों को नमन किया गया। मौके पर रेणु देवी, सीमा देवी, रूबी देवी, दीप नारायण सिंह, शिरोमणि सिंह, त्रिपुरारी सिंह, ललटू कुमार, संजय कुमार सिंह, रघुनंदन पांडेय, प्रेम किशोर दुबे, मनोज कुमार सिंह, कामदेव सिंह, अमित कुमार दुबे, निक्की मिश्रा सहित बड़ी संख्या में बच्चे व उनके अभिभावक उपस्थित थे।

सोनो में मातृ पूजन करते स्कूली बच्चे।

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