बारिश ने किसानों के उम्मीदों पर फेरा पानी, मसूर को हुआ नुकसान
प्रखंड क्षेत्र में रवि फसल में मसूर ,चना ,अरहर एवं गेहूं के फसल लगभग तैयार होकर पक चुके हैं। मसूर की कढ़ाई कर किसानों ने अपने खलिहान में इकट्ठा करने में व्यस्त थे। तभी बेमौसम बारिश से रवि फसल में नुकसान हुआ। दो दिनों से बेमौसम बारिश होने से किसानों की चिन्ता बढ़ गई है। किसान ब्रह्मदेव सिंह,धर्मेन्द्र कुशवाहा,परमेश्वर यादव,दिनेश सिंह ने बताया कि इस समय रवि फसल पक कर तैयार हो गया है। मसूर की कटाई का कार्य जोरों पर की जा रही है। किसान मसूर की कढ़ाई कर अपने खलिहानों में जमा कर दिया है।लेकिन अचानक बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचा है।किसानों का कहना है कि माघ महीने में थोड़ी बरसात से गेहूं,सरसों और अन्य रवि फसलों को फायदा पहुंचता है। लेकिन इस बार बेमौसम बारिश कई गुणा अधिक हो चुकी है।बारिश से गेहूं के अलावा जौ ,सरसों, मसूर,चना, आलु, मटर ,अरहर ,फुलगोभी, टमाटर , पताकोभी आदि सब्जियों में भी नुकसान पहुंचा है। इस बारिश के दौरान तेज हवा से गेहूं के पके फसल खेतों में चटाई की तरह बिछ गई है। किसान प्रभुदयाल सिंह ने बताया कि प्रखंड में तीन वर्षो से पर्याप्त वर्षा नहीं होने खरीफ फसल नहीं हो रही है।थोड़ी सी उम्मीद रवि फसल पर किसानों की जगी थी। लेकिन दिनों से लगातार बेमौसम बारिश ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।और मसूर ,गेहूं की पके फसल को चौपट कर दिया है।जिससे किसानों की चिन्ता सता रही है।बेमौसम बारिश से किसानों की चिन्ता बढ़ा दिया है।
बारिश से प्रखंडवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
झाझा | शुक्रवार की रात्रि से लगातार बारिश होने से प्रखंड क्षेत्र में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। एक ओर शुक्रवार की रात को जहां आसमान से ओले बरसने से रबी फसल को नुकसान पहुंचा तो वही आम के पेड़ों में लगे मंजर भी पूरी तरह से झड़ गए। दूसरी ओर बाजार में भी रौनक नही रहा। शनिवार को बाजार की सड़कें वीरान नजर आई। सुबह से बारिश होने से फूटपाथी दुकाने, सब्जी दुकान सहित अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर रहा। दुकानदार अपनी दुकानें खोलकर ग्राहकों के इंतजार में दिन भर यू हीं बैठे रहे। सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक मजदूरों को हुआ। वहीं बारिश होने से मौसम में अचानक ठंडापन आ गया।
तेज हवा के साथ बारिश और कई जगह ओलावृष्टि, बिजली रही गुल
सोनो | शुक्रवार की रात से लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवा के साथ बारिश और कई जगह ओलावृष्टि भी हुई। शनिवार को भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। तेज हवा और बारिश के कारण प्रखंड के डुमरी, खपरिया, बटिया सहित कई क्षेत्रों में शुक्रवार की रात से ही बिजली गुल है। वहीं दूसरी और बेमौसम बारिश से फसलों को भी काफी नुकसान होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और बारिश होती रही है, ऐसे में रबी की फसलों में काफी क्षति हुई है। गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे उसमें अधिक नुकसान की संभावना जताई जा रही है। गेहूं व सरसों की फसलों में दाना पड़ चुका है लेकिन इस बेमौसम बरसात ने उनके किए कराए पर पानी फेर दिया है। राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव को लेकर एहतियातन सूबे के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। तकरीबन सभी निजी विद्यालयों के संचालकों ने शनिवार को भी अपने-अपने विद्यालय खुले रखे।
आफत: किसान दोहरी मार झेलने को हुए मजबूर
गिद्धौर। प्रखंड में शुक्रवार की रात बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता सताने लगी है। बारिश से गेहूं की खड़ी फसल गिर गई है।चना, मसूर, खेसारी को अधिक नुकसान की संभावना है। साथ ही सरसों की फसलों भी खराब हुई है। किसान नागेश्वर यादव,मनोज यादव,संजय रावत, गुरू दत्त प्रसाद का कहना है कि यह बारिश किसानों के लिए आफत साबित हो रही है। इससे उनकी फसलों में भारी नुकसान तो हो ही रही है। साथ ही जो फसलें कट चुकी है, वह भी खराब हो जाएगी । प्रखंड के रतनपुर पंचायत के कैराकादो के किसान बासुकी मंडल,भौराटांड़ के लखन यादव ,अर्जुन यादव ,ने बताया कि इस बार किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर है। पहले खाद व पानी के लिए सरकार ने खूब रुलाया और अब भगवान ने भी उन्हें मौसमी मार दे रहा है।
जो फसलें कट चुकी है, बारिश के कारण वह भी खराब हो जाएगी
बारिश में स्कूल जातीं छात्राएं।