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44 माध्यमिक स्कूलों में अब बच्चों को मिलेगी स्मार्ट क्लास की सुविधा

2 वर्ष पहले
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उन्नयन बिहार कार्यक्रम के तहत जिले के 44 माध्यमिक स्कूलों के नवमी व दसवीं के स्टूडेंट्स को अब स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी। नई व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालन के लिए लिए चयनित स्कूल के प्रधानाध्यापकों एवं एक-एक सहायक शिक्षकों का शनिवार को गौतमबुद्ध हाई स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पहुंचे कार्यक्रम के नोडेल पदाधिकारी सह डीपीओ दुर्गा यादव ने सभी एचएम को स्मार्ट क्लास की तैयारी एवं संचालित किये जाने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य में उन्नयन बिहार कार्यक्रम चलाया गया है। इसके तहत नवम एवं दशम वर्ग के छात्रों का विद्यालय में एक घंटा का स्मार्ट क्लास शुरू होगा। जहां छात्र टीवी स्क्रीन पर विषयवार पठन-पाठन करेंगे। इसके लिए उन्होंने एचएम को विद्यालय के एक कमरा का सेटअप चेंच करने का निर्देश दिया है।

उन्नयन बिहार कार्यक्रम के तहत बड़े टीवी स्क्रीन के बीच होगी पढ़ाई, कार्यशाला में दी नई व्यवस्था की जानकारी
स्मार्ट क्लास के लिए आयोजित कार्यशाला में मौजूद शिक्षक।

55 इंच का टीवी लगेगा स्कूलों में| स्मार्ट क्लासेज के लिए स्कूलों में एक 55 इंच का टीवी, बैटरी ,इंवरटर, पेन ड्राइव लिया जाएगा। उक्त सामग्री के लिए सरकारी स्तर से सभी स्कूलों में यानि प्रति स्कूल 90-90 हजार राशि रिलीज कर दी गई है। एक जुलाई से मॉडल के तौर पर टेहटा हाई स्कूल में स्मार्ट क्लास की शुरूआत होगी। जहां अन्य दूसरे स्कूल के शिक्षकगण आकर क्लास संचालन की गतिविधि की जानकारी लेंगे। मालूम हो कि गत महीने ही विभाग ने स्मार्ट क्लास के आयोजन का निर्णय लेते हुए नई व्यवस्था की शुरूआत के लिए संबंधित चयनित किए गए प्रत्येक स्कूलों को नब्बे हजार की राशि उपलब्ध कराई थी।

स्मार्ट क्लास से छात्रों की शिक्षा होगी विकसित बच्चे बनेंगे स्मार्ट| कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने बताया कि एक घंटा के स्मार्ट क्लास में छात्र टीवी स्क्रीन पर तीन विषय की पढ़ाई करेंगे।इसी अंतराल में उन्हें विषयवार पांच-पांच प्रश्न भी मिलेगा। जिसका उत्तर ओएमआर सीट पर भरेंगे। छात्र ही एक दूसरे की ओएमआर सीट की जांच करेंगे। उन्होंने बताया कि टीवी स्क्रीन पर पठन-पाठन एवं तुरंत प्रश्न का उतर देन से छात्रों में सीखने की क्षमता अधिक विकसित होगी। ओएमआर सीट की जांच के दौरान भी उत्तर गलत होने पर छात्र एक दूसरे से चर्चा करेंगे। जिससे अगली बार से गलती की पुनरावृत्ति नहीं होगी।इसप्रकार स्मार्ट क्लास से छात्रों की शिक्षा विकसित होगी। छात्र स्मार्ट बनेंगे। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्रीकांत शार्मा,संजय कुमार,मुजफ्फर हसन,रवि कुमार शामिल थे।

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