पानी से लबालब भरे हैं आहर, करोड़ों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगा ग्रहण

Jehanabad News - मानसून के देर तक दस्तक दिये रहने से हुई जोरदार बारिश का असर अभी भी बरकरार है। दशहरा के पूर्व आई बाढ़ का नतीजा...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:46 AM IST
Jehanabad News - ahar is full of water eclipse on implementation of crores of schemes
मानसून के देर तक दस्तक दिये रहने से हुई जोरदार बारिश का असर अभी भी बरकरार है। दशहरा के पूर्व आई बाढ़ का नतीजा नदी-नालों में अभी-अभी पानी का बहाव जारी है। खेतों में भरा पानी भी पूरी तरह नहीं निकल पा रहा है, जो धान एवं रबी दोनों फसल पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। वहीं दूसरी तरफ आहर पइन,तालब में पानी भरने रहने से जीर्णोद्धार की करोड़ों की योजना पर ग्रहण लगा हुआ है। हालांकि गत 26 अक्टूबर को सीएम ने जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत लघु सिंचाई विभाग से क्रियान्वित होनेवाली जिले की 53 योजना का शिलान्यास कर दिया है। लेकिन आहर-पईन एवं तालाबों में लबालब पानी भरे रहने के कारण फिलहाल कार्य शुरू करना नामुमकिन लग रहा है। संवेदकों को पानी सूखने के लिए अभी कम से कम दो महीने अौर इंतजार करना होगा। बानगी के तौर पर मोरहर नदी में नागा बगीचा के पास बियर निर्माण कार्य,त्रिकौल-पिंजौर पइन का जीर्णोद्धार कार्य,आलमपुर आहर कार्य को लिया जा सकता है। जिसमें फिलहाल पानी का धारा अब भी बह रहा है। इसी प्रकार की जिले की अन्य योजनाओं का हाल है। जहां पानी से परेशानी बनी हुई है। संवेदकों ने कहा कि वे लाखों की राशि लगाकर योजना क्रियान्वयन कराने के लिए निर्धारित तिथि को एग्रीमेंट कर चुके हैं। दो अक्टूबर को कार्य शुरू करना था कि बाढ़ ने कार्य पर ग्रहण लगा दिया। अब वे पानी सूखने का इंतजार कर रहें हैं।

रबी फसल के उत्पादन पर पड़ेगा प्रतिकूल असर, किसान हो रहे परेशान

पानी भरा आहर पइन

सौ करोड़ से अधिक की सिचाई योजनाओं का क्रियान्वयन अटका

इधर लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि जिले में तकरीबन 60 करोड़ की लागत से 53 योजनाओं के निविदा का निस्तारण किया जा चुका है। जबकि जल जीवन हरियाली योजना के तहत 43 योजना का डीपीआर तैयार किया गया है।जिसकी क्रियान्वयन के लिए जल्द निविदा निकाली जाएगी। फिलहाल प्रकृति आपदा बाढ़ के आने से निविदा निस्तारित योजना के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है। कार्यस्थल पर पानी भरे रहने की सूचना वे विभाग के वरीय अधिकारियों को फोटो के साथ भेजे हैं। जैसे ही पानी सूखेगा कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नदी-नालों में पानी का बहाव जारी रहने के कारण कार्य अवधि बढ़ाई जाएगी। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जिले में क्रियान्वित होनेवाली 53 योजना में सदर प्रखंड में 11, काको में 11,रतनी में दस, हुलासगंज में 9,मखदुमपुर में 7, मोदनगंज में 3 एवं घोसी प्रखंड में दो योजना शामिल है। जबकि अन्य 43 योजनाओं का भी जल्द निविदा निकालकर निस्तारित कराई जाएगी।

रबी फसल की बुआई में देरी से अन्नदाता हो रहे है चिंतित

खेतों में काम से ज्यादा नमी रहने तथा कई जगह पानी नहीं निकलने से रबी फसलों की बुआई पर भी गंभीर व प्रतिकूल असर देखा जा रहा है। मालूम हो कि रबी फसलों के आच्छादन के लिए अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य तक की अवधि काफी मुफीद मानी जाती रही है। लेकिन इस साल हर जगह खेतों से लेकर जलाशयों में पानी की अधिकता से समय से रबी फसलों की बुआई का काम बाधित है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। विभागीय अधिकारी भी पानी की अधिकता से रबी फसलों के आच्छादन लक्ष्य को लेकर चिंतित हैं। वैसे खेतों में इस साल पर्याप्त नमी रहने का कुछ फायदा भी किसानों को मिलेगा लेकिन चौमास खेतों के लिए यह चिंता का विषय है।

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