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एपवा और एआईएमएसएस ने जुलूस निकाल सरकार विरोधी प्रदर्शन किया

एक वर्ष पहले
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अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन के आह्वान पर रविवार को शहर में प्रतिरोध मार्च निकालकर सरकार की कथित तानाशाही व महिलाओं के साथ समाज में हो रहे दोयम दर्जे के व्यवहार का कड़ा विरोध कर सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला गया। एपवा व एआईएमएसएस के तत्वावधान में सैकड़ों की संख्या में निकली महिलाओं व अन्य कार्यकर्ताओं ने सड़काें पर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारेबाजी की। बाद में संविधान बचाओ मोर्चा के द्वारा आयोजित अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर एक सभा को संबोधित करते हुए एपवा नेत्रियों ने आरोप लगाया कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को आज सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। लोकतंत्र व देश की बहुलतावादी संस्कृति पर संगठित ढंग से हमला किया जा रहा है। एपवा नेत्रियों ने सरकार की भूमिका पर कोर्ट ने सवाल उठाते हुए नीतियों का जमकर विरोध किया। महिलाओं ने कहा कि सत्ता संरक्षित अपराधियों के खिलाफ महिलाओं को आगे आकर खुद अपना संघर्ष करना होगा। मौके पर उपस्थित संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि जद यू भाजपा की सरकार का अपराधियों को संरक्षण देने का पुराना रिकार्ड है। सरकार सीएए, एनआरसी व एपीए जैसे मसलों को वेवजह समाज पर थोप कर अपनी मनमानी कर फूट डालो राज करो की नीति अपना रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ महिलाओं को अत्याचारियों व दुराचारियों के विरूद्ध उठ खड़े होने का संकल्प लेना चाहिए। मौके पर एपवा नेत्री व पूर्व जिला पार्षद कुंती देवी, रेणु देवी, कलाे देवी, वार्ड पार्षद जैकब खातून के अलावा भाकपा माले के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा, संविधान बचाओ मोर्चा के मो. साजिद मुस्तफा व मो.हसनैन सहित कई नेताओं ने सरकार के विरोध में अपने विचार व्यक्त किए।

सभा आयोजित कर महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का लिया संकल्प

अरवल मोड़ के समीप विरोध मार्च में शामिल माले नेता व कार्यकर्ता।
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