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देश की आवाज को दबा रही है केन्द्र की सरकार

एक वर्ष पहले
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एनपीआर, एनआरसी एवं सीएए के विरोध में संविधान बचाओ मोर्चा द्वारा आयोजित अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मो. शाजिद मुस्तफा ने किया। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं, छात्र, छात्राओं, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपनी नागरिकता बचाने के लिए पूरे देश में हजारों शाहिनबाग बनाए बैठे हैं। इन लोगों की आवाज को मोदी सरकार गोली के सहारे दबाने के कोशिश कर रही है। लेकिन सरकार की जोर जबरदस्ती से आंदोलनकारी झुकने वाले नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश के दलित गरीब कमजोर तबके की महिलाओं की नागरिकता छिन कर गुलामों की एक बड़ी फौज खड़ी करना चाहती है। अंग्रेजों की तरह मोदी-शाह की सरकार सांप्रदायिकता फैला कर भाई-भाई में बटवारा कराना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रायोजित दिल्ली के कत्लेआम से पूरी दुनिया में देश की भारी बदनामी हुई है। कुछ माह पहले पंजाब एवं महाराष्ट्र बैंक डूबा। अब यस बैंक डूबने के कगार पर है। दरअसल गलत नीतियों की वजह से सिर्फ बैंक नहीं बल्कि देश डूब रहा है। सरकार जनता को गाय- गोबर,हिंदुस्तान-पाकिस्तान में उलझा कर राष्ट्रीय संपत्ति को चंद कारपोरेटों के हाथों नीलाम किया जा रहा है। वक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम कुर्सी बचाने के चक्कर में अपनी घोषित नीतियों को भूल गए हैं।

महादलित की झोपड़ी जलाने वाले को करें गिरफ्तार

जहानाबाद | माले के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा ने घोसी प्रखंड के गिरधरपुर गांव में महादलित परिवार श्रवण मोची की झोपड़ी जलाने पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश की सरकार में दबंगो को तांडव लगातार जारी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस घटना में शामिल दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। जिला सचिव ने कहा कि पहले के मुकदमें में दबंगो द्वारा समझौता के लिए महादलित परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था लेकिन उसने जब समझौता नहीं किया तो सामंती तत्वों द्वारा इस तरह का करतूत किया गया। उन्हांेने कहा कि अगर शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो माले व्यापक आंदोलन करेगा।

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