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- Jehanabad News Despite The Instructions Bridge Courses Are Not Being Followed In Higher Secondary Schools Of The District
निर्देश के बाद भी जिले के उच्चतर माध्यमिक स्कूलो में ब्रिज कोर्स का नहीं हो रहा अनुपालन
उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर शिक्षा विभाग ने कई योजनाएं बनाई है। मगर योजनाओं की परिकल्पना धरातल पर उतर नहीं सकी। ऐसी ही एक योजना बनी थी ब्रिज कोर्स की। गत वर्ष माध्यमिक शिक्षा के निदेशक ने इसके लिए अनुमोदित कार्यक्रम के िवंदुवार क्रियान्वयन की हिदायत दी थी। मगर ब्रिज कोर्स की योजना हवा में ही रह गई। संबंधित विद्यालयों में इस योजना को धरातल पर उतारने की आवश्यकता ही नहीं समझी गई। स्थिति यह है कि ब्रिज कोर्स की कौन कहे, सामान्य कक्षाएं भी ठीक से संचालित नहीं हो पा रही हैं। खासकर प्लस टू विद्यालयों में कक्षा संचालन की स्थिति बेहद चिंताजनक है। वरीय पदाधिकारियों के निरीक्षण में कई बार यह स्थिति सामने आ चुकी है।इस संदर्भ में गौतम बुद्व,गांधी स्मारक एवं मुरलीधर उच्च विद्यालय के कुछ छात्रों ने बताया कि अगर ब्रिज कोर्स की व्यवस्था रहती तो कोचिंग की जरूरत ही नहीं पड़ती। पठन पाठन के अभाव में ही हमलोगो को कोचिंग संस्थाओं का सहारा लेना पड़ता है। काको प्रखंड के मनियावंा निवासी ब्रज कुमार उर्फ विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में इंटर के कक्षाओं का संचालन नहीं होता है। दरअसल शिक्षकों की कमी के कारण पठन पाठन बाधित रहता है। सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। इस व्यवस्था के तहत निर्देश दिया गया था कि वैसे बच्चे जो शैक्षणिक रूप से अपेक्षाकृत कमजोर हैं, उनके स्तर में सुधार लाया जाए। इसके लिए सेंटअप परीक्षा के बाद ब्रिज कोर्स की व्यवस्था की जानी थी। ताकि परीक्षा में वे भी बेहतर कर सकें। इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से भी पहल की गई थी। बावजूद योजना धरातल पर नहीं पहुंच सकी। सरकार ने मैट्रिक व इंटर के परीक्षा परिणाम को देखते हुए यह निर्णय लिया था। निर्देश दिया गया था कि कार्यक्रम का िवंदुवार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रगति की जानकारी भी देने को कहा गया। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर अनुमोदित कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी कर अनुपालन का निर्देश देते हुए कहा गया था कि सेंटअप परीक्षा के बाद समीक्षा कर अपेक्षाकृत कमजोर विद्यार्थियों के लिए ब्रिज कोर्स की व्यवस्था की जाए।
सभी माध्यमिक एवं इंटरस्तरीय स्कूलों में ब्रिज कोर्स के लिए निर्देश दिया गया है। प्रधानाध्यापकों को खास कर इंटर कक्षाओं मे बच्चों की उपस्थिति बढाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसका अनुपालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
दुर्गा यादव, डीपीओ, सर्व शिक्षा अभियान।
स्कूल की फाइल फोटो।