विज्ञापन

नियमाें काे ताक पर रख अवैध रूप से हो रहा कंदाैल व बीरा घाट से बालू का उठाव

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:25 AM IST

Jehanabad News - पुलिस, खनन विभाग के अधिकारियों व बालू माफियाओं के स्वार्थ के मूल्य पर जिले में व्यापक जनहित के महत्व से जुड़े...

Ghosi News - keeping the rules in mind the illegal sanding of kandal and beera ghat
  • comment
पुलिस, खनन विभाग के अधिकारियों व बालू माफियाओं के स्वार्थ के मूल्य पर जिले में व्यापक जनहित के महत्व से जुड़े पर्यावरण का सौदा किया जा रहा है। इन तीनों के मजबूत गठजोड़ से जिले में अवैध बालू का धंधा भी खूब फल फूल रहा है। हालांकि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर एक जनहित की याचिका पर संज्ञान लेते हुए नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने डीएम व संबंधित विभाग से रिपोर्ट भी मांगी थी, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ दिखता है। हुलासगंज स्थित कंदौल एवं बीरा बालू घाट से धड़ल्ले से बालू का उठाव जारी है। आम ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी बालू माफिया अवैध रूप से खनन का काम जारी रखे हुए हैं। कंदौल घाट से बालु का उठाव बिहार बालू अधिनियम के दिशा निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए किया जा रहा है। लगातार बालू के उठाव से नदी में 20 से 25 फीट तक जगह-जगह गहरे व विशालकाय गड्ढे बन गए हैं। इस सिलसिले ने पिछले कुछ वर्षों में जोर पकड़ लिया है। बरसात में दर्जनों मवेशियों से लेकर एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। दरअसल बालू के लगातार खनन से बने इन गहरे गड्‌ढों में एक बार कोई फंस जाए तो उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

खनन से भूगर्भीय जलस्तर पर पड़ रहा असर, नदी के अधिकांश हिस्सों से बालू गायब

फल्गु नदी में बालू के अंधाधुंध खनन से बन रहे खतरनाक गड्‌ढे।

घोसी व हुलासगंज की सीमा पर मरलाही नदी में अवैध खनन का धंधा जोरों पर : घोसी व हुलासगंज थाना क्षेत्रों की सीमा क्षेत्र के मध्य से गुजारने वाली मरलाही नदी इन दिनों अवैध खनन का सेफ ज़ोन बना है। दरअसल घोसी थाना व हुलासगंज थाना क्षेत्र के बीच से गुजरने की वजह से धंधेबाजों को वहां से दाएं-बाएं होना आसान हो जाता है। जब घोसी पुलिस मौके पर पहुंचती है तो धंधेबाज हुलासगंज की ओर रूख कर लेते हैं और जब हुलासगंज पुलिस आती है तो घोसी की ओर ठिकाना बदल लेते हैं। वैसे सीमावर्ती इलाके की वजह से जिला स्तर के अधिकारियों का वहां आना-जाना न के बराबर होता है। सुनसान इलाके का भी धंधेबाज खूब फायदा उठाते हैं। यह भी गौरतलब हो कि फल्गु नदी में बालू की कमी या मिट्टी का अंश ज्यादा होने के बाद अब धंधेबाज मरलाही नदी से बालू निकालने मे जुट गए हैं।


अधिक बालू निकासी से इलाके के जलस्तर पर पड़ रहा गंभीर प्रभाव

पोकलेन व जेसीबी जैसे मशीनों से दिन रात लगातार हो रही खुदाई से बालू के लिए प्रसिद्ध फल्गु नदी में अधिकांश जगहों पर बालू के दर्शन दुर्लभ हुए हैं। इससे एक बड़े इलाके में भूगर्भीय जलस्तर पाताल की ओर पहुंच गया है। लगभग दस वर्ष पहले तक फल्गु नदी में जहां भी तीन से चार फीट खुदाई कर दी जाती थी पानी ऊपर आ जाता था। आज नदी किनारे के गांवों का जलस्तर भी पचास से साठ फीट नीचे चला गया है। पर्यावरणविदों ने लगातार फल्गु से बालू निकासी को काफी खतरनाक बताया था लेकिन पैसे कमाने की धुन में जिम्मेदार सिस्टम को महत्वपूर्ण मामले में गंभीरता दिखाने की कोई जरूरत नहीं महसूस हो रही है। कनौल के ग्रामीण इंद्रजीत शर्मा, पवन कुमार व मंटु शर्मा आदि ने बताया कि बालु उत्खनन का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में लगभग अधिकांश घरों में चपाकलों ने काम करना बंद कर दिया है। पानी के अभाव में गांव के किसानों को पटवन भी नहीं हो पा रहा है। पूरे धंधे में पैसे की बदौलत सबकुछ मैनेज होता दिख रहा है।

X
Ghosi News - keeping the rules in mind the illegal sanding of kandal and beera ghat
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन