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शिक्षकों का 26 वें दिन भी धरना जारी, कहा- जबतक मांगें पूरी नहीं की जाती तबतक हड़ताल पर ही रहेंगे

एक वर्ष पहले
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समान काम का समान वेतन सहित सात सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शिक्षकों का हड़ताल छब्बीस वें दिन भी जारी रहा।जिले के सभी प्रखंड संसाधन केंद्रों पर बड़ी संख्या में हड़ताली शिक्षक - शिक्षिकाओं ने धरने में भाग लिया।सदर प्रखंड संसाधन केंद्र पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए समन्वय समिति के संयोजक मोसाहेब शर्मा ने कहा कि जब तक सात सूत्री मांग सरकार पूरी नहीं करेगी तब तक शिक्षकों का हड़ताल जारी रहेगा।शिक्षकों का प्रखंड संसाधन केंद्रों पर पूर्व की भांति धरना जारी रहेगा।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल से सम्मानजनक समझौता करें नहीं तो आने वाले चुनाव में शिक्षक एवं उनके परिजन सरकार के विरोध में मतदान करेंगे और एनडीए सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगे। उन्होंने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को अपनी कुर्सी प्यारी है जनता की समस्याओं से उन्हें कुछ लेना देना नहीं है।यही वजह है कि गरीबों के बच्चों की पढ़ाई विगत 26 दिनों से ठप है।लेकिन सरकार उसे सुचारू करने के लिए अपनी जिम्मेवारी नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि 16 मार्च से वर्ग एक से अष्टम तक का वार्षिक मूल्यांकन कार्य का शिक्षक विरोध करेंगे।इस धरने को श्रीधर सिंह, रामउदय कुमार,शिवजन्म प्रसाद, घनश्याम सिंह,शंभू कुमार, अखिलेश कुमार,संजय कुमार, राखी कुमारी,श्वेता सिन्हा,मुंशी प्रसाद,भोला शर्मा,मो एहतेशाम अकरम,जितेंद्र कुमार,सत्येंद्र कुमार सहित कई शिक्षक एवं शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। इधर माध्यमिक शिक्षकों ने भी अपने तेवर तीखे कर लिए हैं। संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना जारी रखते हुए सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वैद्यनाथ प्रसाद, सुनिल कुमार सहित कई शिक्षकों ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा को रसातल में पहुंचाना चाह रही है। सरकार जिस तरह से अड़ियल रवैया अपना रही है, इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार जिम्मेदारी व संवेदशनीलता को पूरी तरह से भूल गई है।

कलेक्ट्रेट पर धरना देते शिक्षक संघ के लोग
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