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बेमौसम बारिश से किसानाें की उम्मीद पर फिरा पानी, रबी फसल की हुई क्षति
जिले में बुधवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की रही सही उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। बेमौसम बरसात ने रबी की फसलों को व्यापक क्षति पहुंचाई है। बारिश से किसान काफी परेशान दिख रहे हैं।
पहले ही फसलों के खराब होने से अस्त-व्यस्त हुए किसानों की कमजोर व पकी हुई फसल अब कटनी के बाद खेत व खलिहानों में ही सड़ रही है। पहले भी किसान बाढ़ एवं बारिश की वजह से खरीफ फसलों के उत्पादन में काफी नुकसान उठा चुके हैं। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार ने भी बताया कि बेमौसम की हो रही बारिश से सर्वाधिक क्षति चना,मसूर सहित अन्य दलहनि एवं तिलहनी फसलों को होगा। उन्होंने बताया कि चना,मसूर, मटर,सरसों एवं राई के कुछ फसलों में फुल लगे हुए हैं। वहीं कुछ फसल किसानों द्वारा काट कर खेत एवं खलिहान में रखे गए हैं। बारिश की वजह से फूल खराब हो जाएंगे, जिसका काफी बुरा असर फसल के उत्पादन पर पड़ेगा। वहीं कटे हुए फसल के सड़ने एवं दाने भी झड़ कर खेतों में गिर सकते हैं।
गेंहू की फसल हवा के झोंके से गिरने व पिले पड़ने की संभावना
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में गेहूं आच्छादन का लक्ष्य 30000 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। जिसमें 27 हजार 774 हेक्टेयर में लगाया गया है जो लक्ष्य का 92.8% है। वहीं दलहनी फसलों में चना के निर्धारित लक्ष्य 3000 हेक्टेयर के विरुद्ध 2920 हेक्टेयर में लगाया गया है। मसूर के निर्धारित लक्ष्य सात हजार हेक्टेयर के विरूद्ध 6 हजार 940 हेक्टेयर में आच्छादन कर लिया गया है। मटर के निर्धारित लक्ष्य ग्यारह सौ हेक्टेयर के विरूद्ध 836 हेक्टेयर में लगाया गया है। लेकिन लगातार हो रही बेमौसम की वर्षात की वजह से फसलों के अच्छे आच्छादन के वाबजूद उत्पादन पर असर पड़ना निश्चित है। क्योंकि फसल में फल एवं अनाज लगने के मौके पर आये दिन बारिश होने से फूल गंदे हो रहे हैं जिसकी वजह से उनमें प्रचुर मात्रा में फल भी नहीं लग पायेगा। इस बेमौसम बारिश का असर आम, नींबू, सहजन के उत्पादन पर भी पड़ेगा। बारिश की वजह से आम के मांजर एवं नींबू एवं सहजन के फूल भी खराब हुए हैं।जिसका सीधा असर इनके फलों के उपज पर पड़ेगा।इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र गंधार के वैज्ञानिक अजित कुमार पासवान ने बताया की चना,मटर,सरसों सहित अन्य दलहनी एवं तेलहनी फसलें जिनमें फुल लगा हुआ है उसके लिए यह बारिश नुकसान देह साबित हो सकता है। बारिश की वजह से उनके फुल झड़ जाएंगे या गंदे हो सकता है।जिसका उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रोथ स्टेज के फसलों को खेतों में पानी जमा होने पर नुकसान हो सकता है।फसल पिले हो सकते हैं तथा फल कम लगेगा। उन्होंने बताया कि वैसे गेंहू की फसल जिसकी सिंचाई हाल के दिनों में की गई है, उसके हवा के झोंके की वजह से गिरने एवं पिले पड़ने की संभावना हैं तथा उसका विकास कुछ समय के लिए रुक सकता है।
बारिश से बर्बाद खेत में रखे मसूर के फसल।