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आफत की बारिश: जिले भर में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि से फसलें चौपट, औसतन 26.69 मिमी हुई वर्षा, किसान परेशान

एक वर्ष पहले
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तेज हवा के साथ बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में फसल चौपट हो गए। भभुआ, कुदरा, रामपुर, भगवानपुर, चैनपुर के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी से दलहनी, तिलहनी, गेहूं के साथ सब्जियों की खेती पर भी आफत आ गई है। खेतों में ही प्याज, लहसुन, टमाटर, बैंगन की फसल बर्बाद हो गई। इस आफत की ओलावृष्टि से किसानों की कमर टूट गई है। इन प्रखंडों के दियरी, अमाव, सलेमपुर, नौहट्टा, अहिराव, रमोली, बरांव, बढ़ौना, भीतरी बांध, हसनपुरा, मडैचा, सहित दर्जनों गांव में लगी फसल बर्बाद हो गई। चांद के चौरी, अमाव, बहुआरा, सोनहन, महुआरी, जागेबरॉव, कर्मा, हरला सहित कई अन्य गॉंवों में भी बर्फबारी से फसल नष्ट हुए हैं। वही मार्च महीने में अब तक 26. 69 बारिश हुई है। सर्वाधिक बारिश चांद प्रखंड क्षेत्र में हुई है। यहां 36. 40 एमएम बारिश का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त रामगढ़, भभुआ भगवानपुर में भी 30 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है। सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में सिर्फ मार्च महीनों में ही तीन दफे बारिश हुई। फरवरी में भी दो बार हुई बारिश से फसल को नुकसान हुई। मसलन समग्र तौर पर कहें तो इस साल किसानों के लिए आफत की बारिश रही। बेमौसम हुई बारिश से दिसंबर महीने में खेत खलिहान में पड़े धान भींगे। इससे धान के खरीदार नहीं मिल रहे थे। जैसे तैसे किसान बेचे। क्षति भी हुई। अब रवि फसल पर भी मौसम की मार से किसान कराह उठे हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बेमौसम हो रही बारिश, बर्फबारी से खरीफ के साथ रवि फसल भी चौपट हो गई। धान की फसल जैसे तैसे औने पौने दाम पर बेचनी पड़ी। अब रबी के भी दलहनी तिलहनी सब्जियों के साथ गेहूं की फसल भी मारी गई।

बारिश से बढ़ी ठंडक

शुक्रवार से शुरू हुई बारिश से मौसम में एक बार फिर ठंडक बढ़ गई है। न्यूनतम पारा 4 डिग्री तक खिसक गया है। हालांकि बारिश का असर अगले कुछ दिनों तक रहेगा। फिर गर्मी बढ़ेगी । मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक अगले 5 दिनों तक न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक रह सकता है।

वैज्ञानिक की बात

इस संदर्भ में अधौरा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अमित कुमार का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश से रवि फसल को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इससे दलहनी तिलहनी के साथ सब्जियों और गेहूं की खेती पर भी नकारात्मक प्रभाव है। तेज हवा के साथ बारिश व बर्फबारी से गेहूं की भी फसल प्रभावित होगी। उत्पादकता में कमी आ सकती है। मसलन पौधों की जड़ों में बारिश के चलते नरमी आ जाती है। जिससे हवा प्रभावित कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर देता है। इससे फसल के दाने पुष्ट नहीं हो पाते। सब्जियों की खेती को भी नुकसान हो सकता है।


एससी - एसटी कमेटी के अध्यक्ष ने कहा- 90 फीसद फसल नुकसान हुई

किसानों की समस्या को देखते हुए विधान सभा की एससी-एसटी कमेटी के अध्यक्ष व चेनारी से विधायक ललन पासवान ने कहा कि कैमूर पहाड़ी इलाके में किसानों के 90 फीसद फसल क्षतिग्रस्त हो गई है। विधानसभा में किसानों की समस्या को उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री से जांच कमेटी गठित कर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की जाएगी।

मार्च महीने में ही 3 दफे हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में सिर्फ मार्च महीनों के ही बीते 14 दिनों में 3 दफे बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक बीते 5 मार्च को औसतन 1.4 सेंटीमीटर बारिश हुई। हालांकि यह बारिश सिर्फ अधौरा प्रखंड में ही हुई थी। 7 मार्च को औसतन 6.93 मिली मीटर बारिश का आकलन किया गया है। यह कमोबेश जिले के समीप सभी प्रखंडों में हुई थी। इसके बाद शुक्रवार 13 मार्च से शुरू हुई बारिश शनिवार तक रुक-रुक कर होती रही। जिसमें औसतन अब तक 26.9 मिली मीटर बारिश का आकलन किया गया है।

बारिश से कई किसानों की फसल हुई बर्बाद

चैनपुर|प्रखंड मुख्यालय व ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की रात बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि खेतों में लगी गेंहू की फसल बर्बाद हो गई है। साथ ही मसूर, चना, अरहर, खेसारी, तीसी, सरसो, आलू, शकरकंद व गाजर आदि की फसल भी चौपट हो गई है। क्षेत्र के किसान सुनील पाण्डेय, विनोद पाण्डेय, बिरजू यादव, आशीष सिंह व शेषधर सिंह ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को काफी क्षति हुई है। क्षेत्र के चैनपुर नंदगांव, मेढ, दुमरकोंन, रामगढ़ व मदुरना पंचायत में तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि से फसल तो बर्बाद हुई ही है साथ ही पशुओं के चारे पर भी आफत आ गई है।

ओलावृष्टि से फसलों को हुआ भारी नुकसान

दुर्गावती |दुर्गावती प्रखंड में शुक्रवार की शाम से लेकर शनिवार की सुबह तक तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम की इस बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है। गेहूं की फसल हवा से खेतों में ही ढह गई है। कई जगहों पर गेंहू की बालियां खेतों में ही टूट गई हैं। अस्सी फीसदी गेहूं की फसल चौपट हो गई है। मौसमी फलों को भी बहुत नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने गेहूं की कटनी शुरू कर दी थी।

ओला से फसलों को भारी नुकसान किसान मायूस

भगवानपुर| प्रखंड में शुक्रवार की देर शाम आंधी के साथ जमकर हुई बारिश व ओला गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के चेहरे पर मायूसी दिखने लगी है। धान की तैयार फसल को भी बारिश से काफी नुकसान हुआ था। कई किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई थी। अब बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसल भी बर्बाद हो गई। कई किसानों की सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है।

चांद में बारिश की भेंट चढ़ गई रबी की फसल

चांद|प्रखंड में शुक्रवार की रात में हुई बारिश और ओलावृष्टि से चांद प्रखंड के सभी पंचायतों के किसान प्रभावित हुए हैं। ओलावृष्टि और बारिश से मटर, मसूर व चना की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं। एक तरफ किसान जहां बारिश बर्बाद हुई धान की फसल को लेकर परेशान तो थे ही अब रबी की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी जय नारायण झा ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से प्रखंड की सभी पंचायतों के किसान प्रभावित हुए हैं।

बारिश से किसानों पर आई आफत, खेतों में लगी रबी फसल हुई चौपट


मोहनिया में बारिश के कारण खेतों में गिरे गेहूं की फसल

किसानों की बात

मोहनिया|मोहनिया अनुमंडल में शुक्रवार की देर शाम हुई झमाझम बारिश व तेज आंधी से गेहूं, चना, सरसों सहित दलहन व तिलहन फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। तेज हवा व बारिश से गेहूं की फसल खेतों में ही गिर गई है। वही चना की फसल में लगे फूल झड़ गए हैं। बेमौसम की इस बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं। किसान विनोद सिंह, निगम सिंह, पंकज सिंह, सुधीर कुमार आदि का कहना है कि गेहूं की फसल खेतों में गिरने के कारण पैदावार काफी कम होने की उम्मीद है। अब भूसा ज्यादा अनाज कब निकलेगा। बेमौसम की बारिश से रबी फसल बर्बाद हो चुकी है। फसल में लगाई राशि भी वापस नहीं आ सकेगी। जानकारों की मानें बारिश व तेज हवा से गेहूं की फसल में कीड़ा लगने की भी संभावना बढ़ गई है।

जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश व बर्फबारी से प्रभावित हुए किसानों की माने तो बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवा से फसल क्षतिग्रस्त हुई है। जागेबरांव के धीरज उपाध्याय, रमोली के राकेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, अभिमन्यु कुमार सहित कई अन्य किसानों ने कहा कि धान की फसल भी बारिश के चलते नुकसानदायक साबित हुआ। फसल तैयार होने के बाद भी खरीदार नहीं मिले। जैसे तैसे किसान औने पौने दाम पर धान बेंचे। अब रबी फसल पर भी आफत आ गई है। कई दफे हुई बारिश व तेज हवा के चलते दलहनी व तिलहनी फसल पहले से ही प्रभावित रहे हैं।
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