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सार्वजनिक तालाब से नहीं हट सका अतिक्रमण

एक वर्ष पहले
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सात निश्चय योजना के बाद सूबे की सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जल जीवन हरियाली योजना की शुरुआत की है। सूबे के प्रत्येक जिले में कार्यक्रम आयोजित कर जल जीवन हरियाली को बढ़ावा देने की बात सरकार द्वारा कही जा रही है। इधर कैमूर डीएम ने सभी अंचलों को पत्र प्रेषित कर सरकारी जल स्रोतों तालाब, पोखर व गढ़ही आदि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का आदेश दिया है। हालांकि दुर्गावती में सर्व-साधारण व बिहार सरकार के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने का काम शुरू कर दिया गया है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी भेजा जा रहा है। लेकिन अब तक इस कार्य में तेजी नहीं आ सकी है। दुर्गावती प्रखंड के शोहपुर में 10 एकड़ 53 डिसमिल में बने तालाब के चारों तरफ अतिक्रमणकारी काबिज हैं।

तालाब में गिरता है
नाले का पानी


यहां बता दें कि सोहपुर में 10 एकड़ 53 डिसमिल में बने तालाब के चारों तरफ कच्चा पक्का मकान बना लिया गया है। कई मकानों में मवेशियों को बांधा जाता है। शौचालयों और नाले का पानी भी तालाब में ही गिराया जाता है। मवेशियों का गोबर भी तालाब में ही फेंक दिया जा रहा है। इस संबंध में अंचलाधिकारी ने बताया कि तलाब की पैमाइश जल्द ही कर ली जाएगी। इसके बाद अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।

आठ माह पूर्व ही डीएम ने दिया था अतिक्रमण हटाने का आदेश

तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए गांव के ही सुरेंद्र सिंह ने पहले अंचलाधिकारी दुर्गावती को आवेदन दिया। कोई सुनवाई नहीं होने पर वे डीएम के दफ्तर जा पहुंचे। इसे गंभीरता से लेते हुए कैमूर डीएम ने जुलाई 2019 में ही अंचलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर तालाब की भूमि की पैमाइश करा कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद सुरेंद्र सिंह शुक्रवार को फिर डीएम के दफ्तर पहुंचे और आवेदन प्रेषित कर पूरे मामले की जानकारी दी।

भेजा जा रहा है। लेकिन अब तक इस कार्य में तेजी नहीं आ सकी है। दुर्गावती प्रखंड के शोहपुर में 10 एकड़ 53 डिसमिल में बने तालाब के चारों तरफ अतिक्रमणकारी काबिज हैं।


दुर्गावती के सोहपुर गांव के तालाब पर अतिक्रमण
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