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जिले में हाई स्पीड में गाड़ियां पर लगाई जाएगी रोक

एक वर्ष पहले
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जिले में अब तेज रफ़्तार से कोई भी वाहन को नहीं दौड़ा सकता। रफ़्तार पर लगाम लगाने की जिला परिवहन विभाग ने शुरुआत कर दी है। इसके लिए सभी वाहनों में एसएलडी ( स्पीड लिमिट डिवाइस) लगाने को लेकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इस सम्बन्ध में जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अलोक में सभी तरह के वाहनों के रफ़्तार पर लगाम लगाने की कार्रवाई करनी है।

माननीय उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि रफ़्तार को नियंत्रित करने के लिए सभी तरह के वाहनों में एसएलडी( स्पीड लिमिट डिवाइस) लगाना अनिवार्य है। इसके लगने से वाहन की रफ़्तार सीमित रहेगी और दुर्घटना की घटना में कमी आएगी। कमर्शियल गाड़ियों की भी स्पीड 80 से ऊपर नहीं जाएगी। डीटीओ ने बताया कि प्रथम चरण में स्कूली बसों की जांच की जाएगी क्योंकि उसमें बच्चे सवार रहते हैं। अधिक गति होने से उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है। इसके मद्देनज़र विशेष जांच अभियान
चलाया जाएगा। एसएलडी लगाने का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अब लगातार इस पर काम किया जाएगा और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी तथा चालकों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।

क्योंकि उसमें बच्चे सवार रहते हैं। अधिक गति होने से उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है। इसके मद्देनज़र विशेष जांच अभियान
चलाया जाएगा। एसएलडी लगाने का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अब लगातार इस पर काम किया जाएगा और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी तथा चालकों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।


जिले में प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं

वाहनों में गति नियंत्रक डिवाइस लगाने के नियमों का पालन जिले में सुचारु रूप से नहीं हो पाने के चलते प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस कारण कई लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं हैं। सड़कों पर बेहिसाब गति से चलने वाले वाहनों की वजह से आम लोगों को काफी परेशानियों के साथ सतर्कता भी बरतनी पड़ती है। बता दें कि वाहनों में एसएलडी नहीं लगाने पर परिचालन को रोक लगा देने का प्रावधान भी है। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने कहा हैं कि वाहन संचालकों को एसएलडी लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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