झमाझम बारिश से धान की फसल को संजीवनी

Kaimur News - जून, जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश नहीं होने की वजह से किसान परेशान थे। मगर सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में हुई...

Sep 19, 2019, 09:25 AM IST
Durgawati News - jungle rain lifts paddy crop
जून, जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश नहीं होने की वजह से किसान परेशान थे। मगर सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में हुई बारिश ने किसानों को एक तरह से संजीवनी देने का काम किया है। दूसरी तरफ तेज धूप व उमस से बेहाल जन-जीवन को राहत भी मिली है। इस बारिश से धान की फसल को काफी लाभ हुआ है। जहां नहरों में पानी नहीं है, वहां के किसानों को पानी की जरूरत थी। पूर्वा नक्षत्र में किसानों को बारिश की उम्मीद थी पर बिन बरसे पूर्वा नक्षत्र बीत गया। उत्तरा में बारिश नहीं के बराबर होती है। जबकि हथिया नक्षत्र में हर किसी को पानी की जरूरत होती है। इस नक्षत्र के बाद क्रमश: आने वाली नक्षत्रों में कम बारिश होती है। वैसे भादो मास बीत जाने के बाद बारिश की उम्मीद खत्म हो गई थी। अब आश्विन प्रारंभ हो चुका है।

भदई फसलों को होगा हद तक फायदा

पुरानी कहावत है कि प्रजा की भाग जागे जब बरसे कुआरू। किसानों के मुताबिक धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी के समान है। भादो मास में ही तीखी धूप से लोगों को आश्विन का एहसास होने लगा था। आश्विन के पितृपक्ष में प्राय: काफी तेज धूप होती है। जिससे लोग परेशान हो जाते हैं। पितृपक्ष में अभी एक सप्ताह का समय शेष है। बारिश होने से तापमान में काफी गिरावट आयी है। इस बारिश से धान की फसल के साथ-साथ भदई फसलों मूंग, उरद, मकई, बाजरा, तिल आदि को भी काफी लाभ हुआ है। किसानों का कहना है कि समय पर इंद्रदेव मेहरबान हुए हैं। पुरानी कहावत है धान-पान नित स्नान। अर्थात धान और पान की फसल को प्रतिदिन पानी की जरूरत होती है।

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