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शेल्टर होम का निबंधन पांच वर्षाें के लिए बढ़ा, कल्याण विभाग ने दी मंजूरी

एक वर्ष पहले
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अनाथ बच्चों के लिए संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निबंधन की डेट बढ़ाई जा चुकी है। अगले पांच सालों तक के लिए शेल्टर होम का निबंधन विस्तारित किया गया है। इस मामले में समाज कल्याण विभाग ने पंजीकरण प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया है। समाज कल्याण निदेशालय के निदेशक ने जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र में कहा है कि सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई कैमूर द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 एवं बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 के नियम में निहित सरकारी निदेशालय अंतर्गत गठित राज्य बाल संरक्षण समिति पटना द्वारा कैमूर में दस बच्चों के आवासन क्षमता वाले विशिष्ट दत्तक गांव संस्थान के संचालन हेतु आदेश निर्गत है। भभुआ के वार्ड नंबर 18 कैमूर स्तंभ के समीप विशिष्ट दत्तक ग्रहण संचालित है। जिला पदाधिकारी कैमूर के द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रारूप के आलोक में संस्थान को प्रमाण पत्र निर्गत तिथि से अनाथ बच्चों की देखरेख के संस्थान के तौर पर अगले पांच साल के लिए निबंधित किया जाता है। बता दें कि कुछ माह पूर्व विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को अविलंब बंद कराते हुए संस्थान में आवासीत बच्चों को किसी दूसरे संस्थान में रखने की अनुशंसा निदेशक से की गई थी। डीएम की अध्यक्षता में गठित निरीक्षण कमेटी की जांच में संस्थान का संचालन मानक अनुरूप नहीं पाया गया। इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने निदेशक समाज कल्याण निदेशालय पटना को पत्र लिखा गया था। निरीक्षण के बाद समिति द्वारा संस्थान के संचालन एवं निबंधन के संबंध में दिए गए मंतव्य के आलोक में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को अविलंब बंद करने की अनुशंसा करते हुए जांच प्रतिवेदन के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया था।

मई 2019 में शेल्टर होम का
निबंधन हो चुका है समाप्त


विभाग को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया हैं कि बच्चों का बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल द्वारा हायर सेंटर वाराणसी या पटना के अस्पताल में रेफर किया जाता है। जिसकी वजह से कई दिनों तक आया एवं सामाजिक कार्यकर्ता को संस्थान से बाहर रहना पड़ता है। जिससे संस्थान के अन्य बच्चों का देखभाल प्रभावित होता है। निबंधन के तहत विशिष्ट स्थान किया जा रहा था शेल्टर होम का निबंधन मई 2019 में समाप्त हो गया है। जिसके कारण दत्तक ग्रहण संस्थान का निबंधन हेतु अनुशंसा करने में जिला निरीक्षण समिति असमर्थ है। संस्थान को अविलंब बंद करने की अनुशंसा की गई है।

संस्थान में नौ अनाथ बच्चों का हो रहा पालन पोषण

वर्तमान समय में विशिष्ट तक ग्रहण का स्थान में नौ अनाथ बच्चों का पालन पोषण हो रहा है। बता दें कि दत्तक ग्रहण संस्थान का मामला सीबीआई तक पहुंच चुका है। जो इस मामले की जांच कर रही है। जबकि कुछ दिनों पहले ही संस्थान में एक बच्ची की मौत के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में संस्थान में कार्यरत कोऑर्डिनेटर और दो आया को हटाया जा चुका है। नए सिरे इस पद पर कर्मियों की नियुक्ति की जा चुकी हैं।

पांच सालों का बढ़ाया गया समय

विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निबंधन और संचालन के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में निरीक्षण समिति ने रिपोर्ट भेजी थी। विभाग द्वारा संस्थान का रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया हैं। संस्थान को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए बाल संरक्षण इकाई कटिबद्ध हैं।

संतोष चौधरी,

सहायक निदेशक बाल संरक्षण, कैमूर

दत्तक ग्रहण संस्थान।

शेल्टर होम के बारे में की गई थी नकारात्मक टिप्पणी

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के वर्तमान भवन के संबंध में काफी नकारात्मक टिप्पणी की गई है। इस भवन को बच्चों के लिए खतरनाक बताया गया है। विभागीय निर्देशानुसार स्वयंसेवी संस्थान ज्ञान भारती शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पटना से टेक ओवर करने के बाद संस्थान का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किया जा रहा है। आम सूचना भी प्रकाशित की गई। मगर भभुआ जैसे छोटे एवं सुदूरवर्ती शहर में सरकार द्वारा निर्धारित दर पर मानक अनुरूप भवन नहीं मिल पाया।

ग्रहण संस्थान को अविलंब बंद कराते हुए संस्थान में आवासीत बच्चों को किसी दूसरे संस्थान में रखने की अनुशंसा निदेशक से की गई थी। डीएम की अध्यक्षता में गठित निरीक्षण कमेटी की जांच में संस्थान का संचालन मानक अनुरूप नहीं पाया गया। इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने निदेशक समाज कल्याण निदेशालय पटना को पत्र लिखा गया था। निरीक्षण के बाद समिति द्वारा संस्थान के संचालन एवं निबंधन के संबंध में दिए गए मंतव्य के आलोक में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को अविलंब बंद करने की अनुशंसा करते हुए जांच प्रतिवेदन के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया था।


दत्तक ग्रहण संस्थान का निबंधन बढ़ाए जाने से कर्मियों में खुशी
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