5 लीटर शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार
5 लीटर महुआ शराब के साथ एक सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एसपी दिलनवाज अहमद के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई है। गिरफ्तार किया गया आरोपी सप्लायर अधौरा निवासी रूपन उरांव का पुत्र शिवमूरत उरांव है। इसकी जानकारी देते हुए अधौरा थाना प्रभारी आमोद कुमार ने बताया है कि गुप्त सूचना मिली कि एक सप्लायर के द्वारा महुआ शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना पर पुलिस की टीम आरोपी के घर पहुंची तो उसके घर से 5 लीटर महुआ शराब जब्त किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शराब जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसे सदर अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद जेल भेजने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि होली को लेकर उनके थाना क्षेत्र में शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि, कहीं से भी शराब बेचने की सूचना ना मिल सके।
मैट्रिक कॉपियों की जांच में योगदान नहीं करने वाले 282 शिक्षक निलंबित
सिटी रिपोर्टर |भभुआ
मैट्रिक कॉपियों की जांच में योगदान नहीं करने वाले 282 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। अपर मुख्य सचिव आरके महाजन के दिशा निर्देश के आलोक में शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। जिला परिषद कोटी के माध्यमिक शिक्षक जिनकी ड्यूटी मैट्रिक कॉपियों के जांच के लिए लगाई गई थी। उन्होंने मूल्यांकन केंद्रों पर योगदान नहीं किया। जिसके फलस्वरूप विभागीय निर्देश के आलोक में शिक्षकों को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी सूर्यनारायण ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में मैट्रिक कॉपियों की जांच में योगदान नहीं करने वाले शिक्षकों को निलंबित किया गया है। बता दें कि मैट्रिक कॉपियों की जांच के लिए तीन मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें अटल बिहारी सिंह हाई स्कूल, राज्य संपोषित बालिका गर्ल्स हाई स्कूल और उदासी देवी हाई स्कूल में मैट्रिक कॉपियों की जांच की जा रही है। कैमूर में एक लाख15 हजार मैट्रिक कॉपियों की जांच की जानी है। जिसके लिए 619 परीक्षक की ड्यूटी विभाग ने लगाई थी। इनमें 288 परीक्षकों ने मैट्रिक कपियों के जांच में योगदान नहीं किया। बताया गया कि शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई के बाद एमपी में लगाए गए शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले सभी शिक्षकों को चिन्हित किया जा रहा है।
मैट्रिक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ शुरू, पड़ रहा असर : मैट्रिक कॉपियों का मूल्यांकन तीन मूल्यांकन केंद्रों पर सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। हालांकि विषय विशेषज्ञ परीक्षकों की कमी झेलनी पड़ रही है। इससे पहले इंटरमीडिएट कॉपियों की जांच के दौरान भी मूल्यांकन कार्य में योगदान नहीं करने वाले जिला परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत के 122 शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। समान काम समान वेतन के मुद्दे को लेकर शिक्षकों के हड़ताल से मैट्रिक कॉपियों के मूल्यांकन पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि विभाग ने अन्य विकल्पों के सहारे मैट्रिक कॉपियों का मूल्यांकन शुरू करा दिया है। जबकि इंटरमीडिएट कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करने में कैमूर अग्रणी रहा। इंटरमीडिएट कॉपियों की जांच सरदार बल्लभ भाई पटेल कॉलेज और टाउन हॉल स्कूल भभुआ में की गई।
भभुआ में 25 परीक्षकों पर दर्ज हो चुका हैं केस
इंटर्मीडिएट कॉपियों की जांच में योगदान नहीं करने वाले 25 परीक्षकों पर भी केस दर्ज हो चुके हैं। इन शिक्षकों के विरुद्ध मूल्यांकन कार्य में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी आदेश की अवमानना और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के आरोप में कार्यवाही की गई है। उधर, हड़ताली शिक्षक भी अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुये हैं। निलंबित किए गए सभी शिक्षकों को बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने का निर्देश दिया गया था बावजूद हड़ताली शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं।