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धरना पर बैठे शिक्षक बोले - उनका आंदोलन न्याय के साथ विकास का करेगा पर्दाफाश

एक वर्ष पहले
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होली के अवकाश के बाद शिक्षक एक बार फिर अपनी मांगों के समर्थन में धरना स्थल पर जुटें। शिक्षकों ने कहा कि सरकार के तानाशाही रवैया से शिक्षक डरने वाले नहीं हैं। समान काम समान वेतन के मुद्दे पर लड़ाई जारी रहेगी। लिच्छवी भवन के समीप आयोजित धरना की अध्यक्षता मीडिया प्रभारी सरोज कुमार सिंह और संचालन सैयद मुजम्मिल हुसैन ने किया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष संतोष कुमार प्रसाद ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2019 की समाप्ति और छात्रों की वार्षिक परीक्षा भी इसी महीने मार्च में होनी है। बावजूद सरकार शिक्षा और शिक्षकों के प्रति गंभीर नहीं है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सदर प्रखंड अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के हड़ताल से घबरा चुकी है। जिसकी वजह से शिक्षकों के वेतन के लिए बैंक में भेजा गया पैसा भी लौटा लिया गया। इस मौके पर दिलीप कुमार पटेल, तुलसी सिंह, सत्य प्रकाश तिवारी, अफजाल अंसारी, रविंद्र प्रसाद, जुनैद अख्तर अंसारी,रविता कुमारी, कुमारी कविता, कुमारी, रिंकी,संध्या कुमारी, सिंधु कुमारी, सुमन कुमारी, सीमा कुमारी, हसीना खातून सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। उधर समन्वय समिति के संयोजक प्रवीण कुमार ने कहा कि यह हड़ताल न्याय के साथ विकास का पर्दाफाश करने वाला है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल अध्यक्ष बद्री प्रसाद और संचालन संयोजक प्रवीण कुमार ने किया।

सरकार हड़ताल को समाप्त करने की करें पहल

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वाधान में भी तीन सूत्री मांगों को लेकर शिक्षक हड़ताल पर डटे रहे। जिसकी अध्यक्षता जिला संघ के उपाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय और संचालन सचिव राम आशीष सिंह ने किया। शिक्षकों ने कहा कि कार्यरत दिवस का वेतन भुगतान नहीं करना मानवाधिकार का हनन है। सरकार तानाशाही रवैया छोड़कर शिक्षकों के साथ सार्थक वार्ता करें।

हड़ताली दरी पर धरना देते शिक्षक
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