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शिशुओं को निमोनिया से बचाने के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में नहीं है व्यवस्था

Kaimur News - सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक...

Jan 16, 2020, 08:20 AM IST
Mohania News - there is no arrangement in a sub divisional hospital to protect infants from pneumonia
सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। मगर मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में निमोनिया से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। 24 घंटे संचालित होने वाले इस अस्पताल में डॉक्टरों की भी कमी है।

दिन में डॉक्टरों की मौजूदगी की तो रहती है पर रात में बीमार नवजातों के इलाज के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते। हालांकि इमरजेंसी विभाग में डॉक्टर की तैनाती तो रहती है मगर बच्चों के समुचित इलाज के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं रहती है। अस्पताल में बच्चों के लिए इलाज के तौर पर एनबीसी की व्यवस्था है। उसी के तहत बच्चों को फर्स्ट एड के रूप में इलाज किया जाता है। अस्पताल सूत्रों की मानें तो रात में भर्ती होने वाले बीमार नवजातों को प्राथमिक उपचार के बाद यहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में रेफर नवजातो को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराना परिजनों की मजबूरी बन जाती है। हालांकि अनुमंडलीय अस्पताल प्रशासन द्वारा इमरजेंसी के डॉक्टर को यह निर्देश दिया गया है कि रात में अस्पताल आने वाले बीमार नवजातों का समुचित इलाज होना चाहिए। अनुमंडल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ तौर पर चिकित्सक डॉ प्रेम शंकर सिंह पदस्थापित हैं, मगर इनकी ड्यूटी रात में नहीं रहती है।

कुव्यवस्था
इमरजेंसी विभाग में डॉक्टर रहने के बाद भी बच्चों का इलाज नहीं हो पाता है

अनुमंडल अस्पताल मोहनिया

ठंड में अधिक रहता है निमोनिया का खतरा

अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एके दास ने बताया कि निमोनिया एक संक्रामक रोग है। इससे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। निमोनिया कभी कभी जानलेवा भी हो सकता है। सर्दी के मौसम में शिशुओं को निमोनिया का खतरा अधिक होता है।

बच्चों को जरूर लगवाएं पीसीवी का टीका

डॉ दास ने बताया कि निमोनिया से बचाव के लिए पीसीवी का टीका बच्चों को जरूर लगवाना चाहिए। आमतौर पर निमोनिया से शिशुओं, बच्चों एवं 65 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों के साथ ही कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को इससे अधिक खतरा होता है। यह एक संक्रामक रोग है जो छींकने या खासने से फैल सकता है। मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र में सर्दी के इस मौसम में बच्चों में निमोनिया एवं ठंड जनित अन्य बीमारियों में बढ़ोतरी हुई है।

अस्पताल में नहीं है एसएनसीयू की व्यवस्था : उपाधीक्षक

इस संबंध में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक चंदेश्वरी रजक ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में एसएनसीयू की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवस्था सदर अस्पताल भभुआ में है। मगर अनुमंडलीय अस्पताल में एनबीसी की व्यवस्था है। इसी के तहत बच्चों को फर्स्ट एड के तहत उपचार किया जाता है। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है।

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