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पश्चिमी विक्षोभ से 20 एमएम बारिश

एक वर्ष पहले
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पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने करवट ली और शुक्रवार की रात से ही जिले में झमाझम बारिश हुई। जिससे मार्च महीना एक बार फिर सर्द से भर गया। शनिवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश होती रही। शुक्रवार की शाम 7 बजे से बारिश की शुरुआत हुई थी जो 24 घंटे के बाद भी जारी रही। अत्यधिक बारिश और करीब 10 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा के कारण शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर गंदगी पसर गई। खेतों में कहीं लगभग पक चुकी तो कहीं दूध के दाने पर गेहूं, सरसों, मक्के आदि फसलों पर इस बारिश ने कहर बरपाया। सभी फसलें खलिहान पहुंचने से पहले भींग चुकी है। मौसम विभाग का मानना है कि रविवार को भी बादल छाए रहेंगे एवं बारिश की संभावना है।

मार्च महीने का टूटा रिकॉर्ड : सोमवार से पहले मौसम साफ होने के आसार नहीं है। शुक्रवार के बाद शनिवार को हुई बारिश ने पिछले 15 साल के मार्च में हुई बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम वैज्ञानिक स्वीटी कुमारी ने बताया कि इस बारिश से खेतों की फसलों के अलावे मौसम के साफगोई में भी समय लगेगा। हालांकि सोमवार के बाद मौसम साफ हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बिहार और इससे सटे उत्तर प्रदेश में बारिश हो रही है। बारिश के कारण शनिवार को पूरे दिन शहर में सन्नाटा रहा। कोरोना को लेकर सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों के बंद करने के आदेश के बीच शहर में गतिविधिां न के बराकर दिखी। अधिकांश दुकानें बंद थी तो शहर की सड़कें बारिश के कारण कीचड़मय हो गई। बारिश के कारण तापमान में भी करीब 6 डिग्री गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 एवं न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया।

बारिश से नमी के कारण सरसों की गुणवत्ता में आएगी कमी

अमूमन जिले में गेहूं, मक्का, आलू आदि की फसलें लगाई जाती है, लेकिन इस साल किसानों द्वारा करीब 2 हजार एकड़ में दलहन और तिलहन फसल लगाई गई थी। जिन किसानों ने इन फसलों की अगेतर बुआई की गई थी उनकी तैयारी मार्च के पहले सप्ताह में ही निपट गई। लेकिन पिछाती खेती करने वाले किसानों के दलहन एवं तिलहन की फसल बेमौसम फंस गई है। कृषि वैज्ञानिक रमाकांत सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से दलहन तथा चना, मसूर एवं तिलहन की खेती को भारी नुकसान हुआ है। चना, मसूर की खड़ी फसल सूख जाएगी। वहीं सरसों की कटी हुई फसल या फिर खलिहान में रखे सरसों को भी नुकसान पहुंच सकता है। बारिश में नमी के कारण सरसों की गुणवत्ता में कमी आएगी जिससे तेल की क्वालिटी खराब होगी।

बारिश से खेतों में गिरी फसल।

खेत से बारिश के पानी को बाहर बहाएं किसान


लगातार हो रही बारिश से जिन गेहूं के खेतों में पानी जम गया है उन खेतों से जल्द से जल्द पानी निकालें। चूंकि जिले के अधिकांश प्रखंडों में इस साल गेहूं की पीछैती खेती हुई है। ऐसे गेहूं कल्ले में दूध आ रहा है जिसके लिए खेत में जमा पानी जानलेवा साबित होगा। - रमाकांत सिंह, कृषि वैज्ञानिक

सोमवार से साफ होगा जिले का मौसम


पश्चिमी विक्षोभ के कारण रविवार तक बारिश होने की संभावना है। सोमवार से मौसम साफ होगा। हालांकि इस दौरान आंशिक बादल छाए रहेंगे। रुक-रुक कर पछिया हवा चलने से सर्द का एहसास होगा।
- स्वीटी कुमारी, मौसम वैज्ञानिक



शनिवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश होती रही

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साल का मार्च महीने में बारिश का टूटा रिकाॅर्ड

शहर की सड़कों पर तेज हवा के कारण यत्र-तत्र बिखरी गंदगी।

बारिश से बचने के लिए शनिवार को शहर में छाता लेकर चलते लोग। चैत में दिखा सावन की तरह झमाझम बारिश।
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