तेजी से बदलती जीवन शैली के कारण बढ़ रहा हाईपर टेंशन, महिलाओं में अधिक

Katihar News - तेजी से बदलती जीवन शैली से हाईपर टेंशन से ग्रसित होने वाले मरीजों का इजाफा हो रहा है। इस हाइपर टेंशन यानी उच्च...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:01 AM IST
Katihar News - increasing hyper tension due to rapidly changing lifestyle more in women
तेजी से बदलती जीवन शैली से हाईपर टेंशन से ग्रसित होने वाले मरीजों का इजाफा हो रहा है। इस हाइपर टेंशन यानी उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व हाईपर टेंशन दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर सदर अस्पताल में चिकित्कों ने आने वाले मरीजों को हाइपर टेंशन से बचाव उसकी पहचान और कारण के बारे में भी बताया। सामान्य भाषा में इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। यह दो प्रकार का होता है। एक एस्सेनशिअल हाइपर टेंशन जो अनुवांशिक अधिक उम्र होने पर, अत्यधिक नमक का सेवन करने तथा लापरवाह जीवन शैली के कारण होता है। दूसरा सेकेंड्री हाइपर टेंशन जो हाई ब्लड प्रेशर का सीधा कारण चिन्हित हो जाए उसे सेकेंड्री हाइपर टेंशन कहते हैं। यह रोग गुर्दा रोग के मरीज तथा गर्भनिरोधक गोलियां सेवन करने वाली महिलाओं में अधिक देखा जाता है।

हाईपर टेंशन के लक्षण दिखे तो सावधान हो जाएं

हाईपर टेंशन के शुरूआत लक्षणों में सिर में अधिक दर्द, लगातार थकावट, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, दिखाई कम पड़ना, पेशाब में खून आना, गर्दन, सीना व बांहों में दर्द होना। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ मुर्तजा अली ने बताया कि खराब जीवन शैली के कारण धीरे धीरे किशोर एवं युवक भी इस गंभीर समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। आहार में फास्ट फूड की जगह फलों का सेवन, सुबह जल्दी उठना, रात में जल्दी सोना, तनाव से बचना इस रोग से बचाव का उपाय है। हाइपर टेंशन वाले मरीज को हर्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, लकवा, हृदय रोग, किडनी काम नहीं करना जैसे समस्याओं से जूझना पड़ता है।

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