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आइएमए के आह्वान पर ठप रही चिकित्सा सेवा, ओपीडी से बैरंग लौटे 400 मरीज

एक वर्ष पहले
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नालंदा के गोखुलपुर मठ में चिकित्सक प्रियरंजन प्रियदर्शी की हत्या के विरोध में शनिवार को ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर कटिहार के चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाया और हड़ताल करते हुए सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप रखा। इस दौरान 400 मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। इस हड़ताल से सदर अस्पताल में दैनिक कामकाज पर इसका गहरा असर दिखा। सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप रही। केवल इमरजेंसी सेवा बहाल रही। दूर-दराज से आए हुए मरीज अपने इलाज के लिए भटकते रहे या फिर निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए गए।

हालांकि, निजी चिकित्सक ने भी इस हत्या की वारदात के विरोध में काला बिल्ला लगाकर काम किया। सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई। हफलागंज निवासी मरीज सबिता देवी ने बताया कि वे अपना पेट दर्द का इलाज कराने आईं थीं लेकिन डॉक्टर नहीं रहने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। इलाज के लिए निजी चिकित्सक के पास जाना पड़ा। वहीं, मनसाही निवासी मरीज सुलेखा देवी ने बताया कि वे अंदरूनी बीमारी को दिखाने के लिए महिला चिकित्सक के पास आई थीं लेकिन उन्हें बाद में पता चला कि आज हड़ताल है। इसलिए पैसा खर्च कर निजी चिकित्सक के पास जाना पड़ रहा है। चिलमारा निवासी राजमनी देवी सर्दी, खांसी का इलाज नहीं करा सकीं।

गंभीर मरीजों के प्रति इमरजेंसी में दिखी सहानुभूति| यही कारण है कि आज सरकारी अस्पताल में डाक्टरों के द्वारा काम नहीं करने के कारण मरीजों को निजी डाक्टरों का सहारा लेना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार औसतन 400 मरीज आज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे थे लेकिन किसी को इलाज कराना तो दूर डॉक्टर से मिलना तक नसीब नहीं हुआ। हालांकि, कई डॉक्टर इस दौरान अस्पताल में देखे गए लेकिन गंभीर रूप से आए रोगियों का ही डॉक्टर ने इमरजेंसी में नोटिस लिया। उल्लेखनीय है कि आईएमए ने सरकार से 24 घंटे के अंदर हत्यारों को गिरफ्तार कर त्वरित ट्रायल के जरिये सजा दिलाने, मृतक के परिजनों को 5 करोड़ रुपए मुआवजा, प|ी को नौकरी देने समेत 5 सूत्री मांग की गई है। आईएमए के द्वारा पुलिस को 24 घंटे में अपराधियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया गया था।

डॉक्टर नहीं रहने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। इलाज के लिए निजी चिकित्सक के पास जाना पड़ा। वहीं, मनसाही निवासी मरीज सुलेखा देवी ने बताया कि वे अंदरूनी बीमारी को दिखाने के लिए महिला चिकित्सक के पास आई थीं लेकिन उन्हें बाद में पता चला कि आज हड़ताल है। इसलिए पैसा खर्च कर निजी चिकित्सक के पास जाना पड़ रहा है। चिलमारा निवासी राजमनी देवी सर्दी, खांसी का इलाज नहीं करा सकीं।

इमरजेंसी भी किया जाएगा ठप

नालंदा में जिस प्रकार दिन-दहाड़े चिकित्सक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, इस माहौल में चिकित्सक अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। आईएमए के राज्य शाखा के निर्देश पर जिले में चिकित्सा सेवा एक दिन के लिए ठप किया गया। सरकार अगर आईएमए की मांग पूरा नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में चिकित्सकों के द्वारा ओपीडी सहित आपातकालीन सेवा भी बंद किया जाएगा।
- डॉ. केके मिश्रा, जिलाध्यक्ष, आईएमए

सदर अस्पताल में चिकित्सक के इंतजार में मरीज।

चिकित्सक की खाली कुर्सी।

कई जगह निजी चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर किया काम, आज चिकित्सा सेवा रहेगी चालू

ओपीडी बंद रहने से सदर अस्पताल से बैरंग लौटते मरीज।
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