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शहर में वेंडिंग एक्ट-2014 लागू करवाने को लेकर सत्याग्रह, दो ने छोड़ा दाना-पानी
मांग मनवाने के लिए गुरुवार से शहर में एक अनूठा आंदोलन शुरू हुआ है। प्रदेश कामगार कांग्रेस के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुरनानी के नेतृत्व में लोग समाहरणालय के समक्ष सत्याग्रह के रूप में आमरण-अनशन शुरू कर दिए हैं। सत्याग्रहियों की मांग है कि वेंडिंग एक्ट-2014 को लागू किया जाए ताकि कामगार पुलिसिया आतंक से मुक्त होकर स्वाभिमान के साथ अपनी आजीविका का निर्वहन कर सके।
टाउन वेंडिंग कमेटी, टाउन लेबल फेडरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला जागरण मंच आदि संगठनों ने भी गुरुवार से शुरू हुए सत्याग्रह को समर्थन दिया। राजेश गुरनानी ने कहा कि भूमिहीनों, फुटपाथ दुकानदार, रिक्शा चालकों, सब्जी विक्रेताओं, घरेलू कामगारों, कुलियाें, मजदूरों, नाई एवं धोबी समाज, विश्वकर्मा समाज जैसे रोजाना कमाकर खाने वाले कामगार आज इस एक्ट लागू नहीं होने से पुलिसिया आतंक से मारे-मारे फिर रहे हैं।
शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय (एमएचयूपीए) भारत सरकार ने 2009 में स्ट्रीट वेंडर के लिए आजीविका संरक्षण अौर विनियमन विधेयक तैयार किया। जिसे 6 सितंबर 2013 को लोकसभा एवं 10 फरवरी 2014 को राज्यसभा में पारित किया। बिहार में 2 जून एवं 16 जुलाई 2014 को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई। जिसके सर्वेक्षण के लिए नासवी संस्था को कार्य दिया गया। 30 अगस्त 2014 को कटिहार में टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन हुआ और इसकी पहली बैठक 6 सितंबर 2014 को आहूत कर 1453 फुटपाथ दुकानदारों का सर्वे कर निगम को सूचित किया गया। लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे कामगार दुकानदार आक्रोशित हो गए हैं।
9 सूत्री मांगों को पूर्ण करने की उठी मांग : गुरुवार से शुरू हुए आमरण अनशन कार्यक्रम में 9 सूत्री मांगों को पूर्ण किये जाने की आवाज उठी। जिसमें वेंडिंग एक्ट 2014 को कटिहार में पूर्णत: लागू करने के साथ ही सभी करीब 5 हजार दुकानदारों को वेंडिंग जाने में परिचय पत्र के साथ बसाने, समाहरणालय के बाहरी परिसर के मार्केटिंग कांप्लैक्स तथा मिरचाईबाड़ी के 105 दुकानदारों को अविलंब व्यवस्थित करने, भूमिहीन कामगारों को भूमि की व्यवस्था करने, रेल क्षेत्र के फुटपाथी दुकानदार को बिना पुनर्वास नहीं हटाने, महिलाओं में ग्रुप लोन को अविलंब बैंक से दिलवाने तथा कामगारों के लिए जीवन बीमा आवश्यक किये जाने की मांग आदि शामिल है। गुरूनानी ने कहा कि जब तक मांगे पूर्ण नहीं की जाती वो आमरण अनशन पर ही बैठे रहेंगे। पहले दिन बिहार प्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश राजेश गुरनानी के साथ अखिलेश झा भी अनशन पर बैठे हैं।
समाहरणालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठे टाउन लेबल फेडरेशन के मुख्य संरक्षक राजेश गुरनानी व अन्य।